Question :

उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा है-


A) गढ़वाली
B) कुमाऊँनी
C) संस्कृत
D) जौनसारी

Answer : C

Description :


उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा के रुप में संस्कृत का प्रयोग किया जाता है। उत्तराखण्ड के कुमाऊँ प्रदेश में ‘कुमाऊँनी’ तथा ‘गढ़वाल’ क्षेत्र में गढ़वाली बोली का प्रयोग होता है, जबकि जौनसार के आसपास के क्षेत्र में ‘जौनसारी’ बोली का प्रयोग होता है.


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‘इरखा’ को खड़ी बोली में क्या कहते हैं?


A) देखी
B) देखना
C) ये देखो
D) ईर्ष्या

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भारतीय संविधान में किस भाषा को ‘राजभाषा’ के रुप में स्वीकार किया गया है?


A) अंग्रेजी
B) उर्दू
C) हिन्दी
D) तमिल

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‘अजुयै’ को खड़ीबोली में क्या कहते हैं?


A) कल
B) उजाले में
C) आज ही
D) अंजुली में

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रोमन लिपि का प्रयोग किस भाषा के लिए नहीं होता है?


A) कुल्लुई
B) फ्रेंच
C) जर्मन
D) स्पेनिश

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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित ‘लिपि सुधार-परिषद’ की 28, 29 नवम्बर, 1953 को हुई बैठक की अध्यक्षता की थी-


A) तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन ने
B) तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्षन ने
C) तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. वी.वी. गिरि ने
D) तत्कालीन उपराष्ट्रपति श्री वी.डी. जत्ती ने

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