Question :
A) गढ़वाली
B) कुमाऊँनी
C) संस्कृत
D) जौनसारी
Answer : C
उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा है-
A) गढ़वाली
B) कुमाऊँनी
C) संस्कृत
D) जौनसारी
Answer : C
Description :
उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा के रुप में संस्कृत का प्रयोग किया जाता है। उत्तराखण्ड के कुमाऊँ प्रदेश में ‘कुमाऊँनी’ तथा ‘गढ़वाल’ क्षेत्र में गढ़वाली बोली का प्रयोग होता है, जबकि जौनसार के आसपास के क्षेत्र में ‘जौनसारी’ बोली का प्रयोग होता है.
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देवनागरी लिपि सा सर्वप्रथम प्रयोग कहाँ हुआ था?
A) पाणिनि कृत अष्टाध्यायी में
B) अपभ्रंश साहित्य में
C) अमीर खुसरो की पुस्तकों में
D) जयभट्ट के शिलालेख में
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भाषा की परिभाषा है-
A) भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य सिर्फ पढ़कर अपने मन के भावों या विचारों का आदान-प्रदान करता है।
B) भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य बोलकर, सुनकर, लिखकर व पढ़कर अपने मन के भावों या विचारों का आदान-प्रदान करता है।
C) भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य बोलकर, सुनकर, लिखकर व पढ़कर अपने मन के भावों यो विचारों का आदान-प्रदान नहीं करता है।
D) भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य सिर्फ बोलकर, अपने मन के भावों या विचारों का आदान-प्रदान करता है।
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‘आइना’ को खड़ी बोली में क्या कहते हैं?
A) सीसा, आए नहीं
B) शीशा, दर्पण
C) आया नहीं
D) हे भगवन