1991 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था का वह युग, जिसे अर्थव्यवस्था में व्यापार संचालनों पर प्रतिबंधों के कम करने और निजीकरण का विस्तार करने द्वारा अभिलक्षित किया गया, निम्न कहलाता हैः
A) निजीकरण
B) औद्योगीकरण
C) उदारीकरण
D) वैश्वीकरण
Answer : C
Description :
उदारीकरण आर्थिक गतिविधियों पर राज्य के नियंत्रण को समाप्त करने की प्रक्रिया या साधन है। यह व्यावसायिक उद्यमों को निर्णय लेने में अधिक स्वायत्तता प्रदान करता है और सरकारी हस्तक्षेप को समाप्त करता है। 1991 के बाद की भारतीय अर्थव्यवस्था का युग, जिसमें निजीकरण का विस्तार और अर्थव्यवस्था में व्यापार संचालन पर प्रतिबंधों को काम करने की विशेषता है, को लोकप्रिय रुप से उदारीकरण कहा जाता है।
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इनमें से कौन सी नेताओं की विशेषता है जो सत्यशील और गैर-धोखेबाज बनकर उनमें और उनके अनुयायियों के बीच संबंधों में विश्वास का निर्माण करती है।
A) संचालन
B) ईमानदारी और सत्यनिष्ठा
C) आत्मविश्वास
D) नेतृत्व करने की इच्छा
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_____________ अधीनस्थ कर्मचारियों की संख्या को संदर्भित करती है, जिसका प्रबंधन प्रभावी ढंग से वरिष्ठ कर सकता है।
A) नियंत्रण विस्तृति
B) निर्देशन एकता
C) नियंत्रण एकता
D) क्रम
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संगठन के सामान्य प्रशासन व नीति निर्धारण में निम्न में से शामिल नहीं है-
A) वित्तीय बजट बनाना
B) कार्यों का वर्गीकरण व विश्लेषण करना
C) सेवा आलेख रखना
D) जन सम्पर्क व सम्प्रेषण
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क्षतिपूर्ति नीति में क्या सम्मिलित नहीं है?
A) सहभागिता सम्बन्धी नीतियाँ
B) लाभभागिता सम्बन्धी नीतियाँ
C) मजदूरी दर व भुगतान प्रणाली सम्बन्धी नीतियाँ
D) प्रेरणा पद्धति व आनुषंगित लाभ सम्बन्धी नीतियाँ
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“एक कर्मचारी का केवल एक ही मालिक होना चाहिए” इस सिद्धान्त को कहा जाता है-
A) विभागीकरण
B) आदेश की एकता
C) अदिष्ट संबंध
D) विकेन्द्रीकरण