रॉबर्ट के. काल्ज द्वारा प्रबंधकों के लिए पहचाने गए तीन आवश्यक कौशल है-
एक प्रबंधक का कार्य विविध और जटिल होता है। इसलिए प्रबंधकों को अपने कार्यों को करने के लिए कौशल की आवश्यकता होती है. 1970 के दशक के प्रारम्भ में राबर्ट के काल्ज ने प्रबंधकों के लिए तीन प्रकार के कौशल का नाम बताये। ये तकनीकी, मानवीय और वैचारिक कौशल है एक चौथा कौशल-समाधान डिजाइन करने की क्षमता को बाद में कौशल में जोड़ा गया।
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प्रबंधन कार्य जो कर्मचारियों की गतिविधियों से संबंधित होते हैं, अपने लक्ष्य की दिशा में संगठनात्मक प्रदर्शन को निर्धारित करते हैं और आवश्यकतानुसार सुधार करते हैं, निम्न कहलाते हैः
जब किसी प्रबन्धक को किसी निर्णय के अभिप्रेरित लक्ष्यों की कम जानकारी होती है और विकल्पों के परिणाम अस्पष्ट होते हैं, तो वह किस प्रकार की स्थिति में होते हैं?
“प्रबन्ध के तीन कार्य हैः व्यवसाय का प्रबन्ध करना प्रबन्धकों का प्रबन्ध करना एवं कार्य तथा कार्य करने वालों का प्रबन्ध कराना।” यह राय है-
निम्न में से कौन से कार्यक्षेत्र में इसके घटकों के रुप में प्रोत्साहन, भत्ते, लाभ आदि हैं?
निरंतर सुधार के साथ कंपनी की हर गतिविधि में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक संगठन का व्यापक प्रयास निम्न कहलाता हैः