निम्नलिखित वाक्य के अशुद्ध भाग का चयन कीजिए।
“समय का सदुपयोग द्वारा मनुष्य देवता बन जाता है।”
उपर्युक्त वाक्य में ‘समय का’ वाले भाग में अशुद्धि है। इसका शुद्ध रुप समय के होगा। इस प्रकार शुद्ध वाक्य - “समय के सदुपयोग द्वारा मनुष्य देवता बन जाता है।”
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निम्न वाक्यों में एक वाक्य व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध है, पहचानिए।
निर्देश (प्रश्न सं. 165 से 167 तक) : दिए गए वाक्यों में से कुछ में त्रुटिया हैं और कुछ ठीक हैं। वाक्य के जिस भाग में त्रुटियां हों, उसके अनुरुप अक्षर वाले गोलाकार खाने को काला करें। यदि वाक्य में कोई त्रुटि न हों, तो कोई त्रुटि नहीं वाले अक्षर के गोलाकार खाने को पूरी तरह काला करें।
निम्नलिखित में एक वाक्य त्रुटिपूर्ण है-
‘जहाँ आत्मीयता हो, वहाँ विचार-विनिमय में उपचारिकता नहीं होती।’ इस वाक्य में उपचारिकता का शुद्ध रुप है-
कौन-सा वाक्य शुद्ध है?