क्रिया की व्युत्पत्ति होती है-
क्रिया के मूल रुप (मूलांश) को धातु कहते हैं। धातु से ही क्रिया पद का निर्माण होता है, इसीलिए क्रिया के सभी रुपों में ‘धातु’ उपस्थित रहती है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि क्रिया की व्युत्पत्ति धातु से होती है।
अन्य विकल्प सम्बन्धित हैं-
संज्ञा – किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, स्थान आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।
सर्वनाम – संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द को सर्वनाम कहते हैं।
विशेषण – संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं।
संबंधित प्रश्न (Related)
जहाँ दो या दो अधिक धातुओं का प्रयोग साथ-साथ किया जाता है, वह क्रिया क्या कहलाती है?
“मोहन पिताजी को पत्र लिख रहा है।” वाक्य में क्रिया का ___________ भेद प्रयुक्त हुआ है। रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प कौन-सा है?
‘बालक इस पुस्तकालय में पढ़ रहा है।’ वाक्य में ____________ क्रिया है।
‘चिड़िया आकाश में उड़ रही है’ वाक्य में ‘उड़ रही’ क्रिया है-
निम्नलिखित वाक्यों में से किसमें प्रेरणार्थक क्रिया का प्रयोग नहीं है?