Question :

‘इरखा’ को खड़ी बोली में क्या कहते हैं?


A) देखी
B) देखना
C) ये देखो
D) ईर्ष्या

Answer : D

Description :


‘इरखा’ को खड़ी बोली में ईर्ष्या कहते हैं। खड़ी बोली के कुछ विशिष्ट अव्यय उसके रुवरुप की अन्यतम विशेषता को व्यक्त करते हैं, जैसे- कद (कब), जद (जब), इब(अब), होर(और), कदी(कभी) आदि।


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निम्नलिखित बोलियों को उनके भौगोलिक क्षेत्र के साथ सुमेलित कीजिये-

 

 (a) हड़ौती 1. उत्तराखण्ड
 (b) बघेली 2. उत्तर प्रदेश
 (c) गढ़वाली 3. राजस्थान
 (d) कन्नौजी 4. मध्य प्रदेश
  5. हरियाणा

 

कूट : (a) (b) (c) (d)


A) 5 1 2 3
B) 3 4 2 1
C) 3 4 1 2
D) 4 1 5 3

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निम्नलिखित विधि के क्रियारुपों को उनकी बोली के साथ सुमेलित कीजिये-

 

(a) करो        1. अपभ्रंश

(b) करहु       2. भोजपुरी

(c) करौ        3. अवधी

(d) करा        4. बाँगरु

                   5. ब्रज

 

कूट : (a) (b) (c) (d)


A) 4 3 5 2
B) 5 1 3 4
C) 2 3 4 5
D) 1 5 2 3

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‘कमरा’ को खड़ी बोली में क्या कहते हैं?


A) घर में रहने का स्थान।
B) मोटी कमर।
C) एक स्थान।
D) रोयेंदार काले रंग का कीड़ा, कम्बल।

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भारत में भाषाओं का साहित्यिक विकास क्रम माना जाता है


A) पालि, संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश
B) संस्कृत, प्राकृत, पालि, अपभ्रंश
C) संस्कृत, अपभ्रंश, पालि, प्राकृत
D) संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश

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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सन् 1974ई. में गठित ‘देवनागरी लिपि सुधार समिति’ के अध्यक्ष थे-


A) डॉ. धीरेन्द्र वर्मा
B) संपूर्णानन्द
C) आचार्य नरेन्द्र देव
D) इनमें से कोई नहीं

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