Question :

नाभिकीय रियेक्टर में भारी जल (D2O) का प्रयोग किस रुप में किया जाता है?


A) मंदक
B) शीतलक
C) परिक्षक
D) नियंत्रक

Answer : A

Description :


नाभिकीय रियेक्टर में भारी जल (D2O) का प्रयोग मंदक (Moderator) के रुप में होता है।

 

ग्रेफाइट का उपयोग भी मंदक के रुप में होता है।

 

न्यूट्रॉन को अवशोषित करने वाला छड़ नियंत्रक छड़ कहलाता है यह बोरोन तथा कैडमियम का बना होता है।


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रिसर्पिन नामक दवा निम्नलिखित के उपचार में काम आती है -


A) संधिशोध (arthritis)
B) पीड़ा निवारण
C) उच्च रक्तदाब घटना
D) अधिक धड़कन (high palpitation) कम करना

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रासायनिक रुप में सफेद स्पीरिट है-


A) पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण
B) शोधित एथानॉल
C) परिशुद्ध इथाइल ऐल्कोहॉल
D) विकृतीकृत ऐल्कोहॉल

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90 किग्राᵒ पानी से प्राप्त की जा सकने वाली ऑक्सीजन की मात्रा है-


A) 30 किग्राᵒ
B) 90 किग्राᵒ
C) 45 किग्राᵒ
D) 80 किग्राᵒ

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भारी जल में-


A) वायु अधिक मात्रा में घुली हुई होती है
B) खनिज तथा लवण अधिक मात्रा में घुले हुए होते हैं
C) हाइड्रोजन की जगह ड्यूटीरियम होता है
D) कार्बनिक अपद्रव्य (impurities) होते है।

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एथिलीन तथा स्टाइरीन की व्यापारिक उपयोगिता उनकी निम्नलिखित क्षमता के कारण है -


A) जल अपघटन
B) ऑक्सीकरण
C) बहुलकीकरण
D) अपचयन

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