Question :

नाभिकीय रियेक्टर में भारी जल (D2O) का प्रयोग किस रुप में किया जाता है?


A) मंदक
B) शीतलक
C) परिक्षक
D) नियंत्रक

Answer : A

Description :


नाभिकीय रियेक्टर में भारी जल (D2O) का प्रयोग मंदक (Moderator) के रुप में होता है।

 

ग्रेफाइट का उपयोग भी मंदक के रुप में होता है।

 

न्यूट्रॉन को अवशोषित करने वाला छड़ नियंत्रक छड़ कहलाता है यह बोरोन तथा कैडमियम का बना होता है।


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प्लास्टर ऑफ पेरिस हैं-


A) CaSO4.5H2O
B) CaSO4.2H2O
C) CaSO4.1/2H2O
D) CaSO4.MgO

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जल की संशुद्धि में कौन-सा रसायन प्रयुक्त होता है?


A) पोटेशियम सल्फेट
B) पोटेशियम परमैग्नेट
C) सल्प्यूरिक अम्ल
D) नाइट्रिक अम्ल

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चिमनी से निकलने वाले धुएँ में उपस्थित राख की मात्रा को कम करते हैं-


A) विद्युतीय अवक्षेपण द्वारा
B) धुएं को चलनी से गुजार कर
C) धुएं को जल से गुजार कर
D) रासायनिक पदार्थो द्वारा

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‘माइटोमाइसिन’ नामक प्रतिजैविक निम्नलिखित रोगों के कुछ विशेष प्रकारों के उपचार में काम आता है-


A) कैंसर
B) एड्स
C) पोलियो
D) सिफिलिस

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परम शून्य ताप क्या है ?


A) किसी भी तापमान पैमाने का आरम्भ बिंदु
B) सैद्धांतिक रुप से न्यूनतम सम्भव तापमान
C) वह तापमान है जिस पर सभी द्रव पदार्थो के वाष्प जम जाते हैं
D) वह तापमान जिस पर सभी पदार्थ वाष्पीय प्रावस्था में होते हैं

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