मिश्रण के घटकों के क्वथनांकों की भिन्नता का उपयोग करते हुए किसी मिश्रण के घटकों को अलग करने की प्रक्रिया निम्नलिखित कहलाती है-
A) भंजक आसवन
B) प्रतिस्थापन
C) प्रभाजी आसवन
D) फिल्टरन
Answer : C
Description :
मिश्रण के घटकों के क्वथनांकों की भिन्नता का उपयोग करते हुए किसी मिश्रण के घटकों को अलग करने की प्रक्रिया को प्रभाजी आसवन कहते हैं।
प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) प्रभाजी आसवन विधि के द्वारा उन मिश्रित द्रवों का पृथक्करण किया जाता है जिसमें द्रवों के क्वथनांकों में बहुत कम अन्तर होता है। Ex. भूगर्भ से निकाले गये खनिज तेल से पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल प्रभाजी आसवन विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है।
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इलेक्ट्रॉन वहन करता है-
A) एक यूनिट ऋणावेश
B) एक यूनिट धनावेश
C) दो यूनिट ऋणावेश
D) दो यूनिट धनावेश
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कुछ खाद्य पदार्थ बनाने में काम आने वाली ‘पेक्टिन’ यौगिकों के निम्नलिखित वर्ग में आती है-
A) प्रोटीन
B) विटामिन
C) कार्बोहाइड्रेट
D) हॉर्मोन्स
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रासायनिक रुप में सफेद स्पीरिट है-
A) पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण
B) शोधित एथानॉल
C) परिशुद्ध इथाइल ऐल्कोहॉल
D) विकृतीकृत ऐल्कोहॉल
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पी.वी.सी. प्लास्टिक, विनाइल क्लोराइड से बनती है। इस प्रक्रिया का नाम है-
A) भंजन
B) बहुलकीकरण
C) अपचयन
D) आसवन
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किसी तत्व के परमाणु में 10 इलेक्ट्रॉन, 10 प्रोटॉन और 12 न्यूट्रॉन हैं। उस तत्व का परमाणविक भार कितना है?
A) 32
B) 22
C) 44
D) 20