मिश्रण के घटकों के क्वथनांकों की भिन्नता का उपयोग करते हुए किसी मिश्रण के घटकों को अलग करने की प्रक्रिया निम्नलिखित कहलाती है-
A) भंजक आसवन
B) प्रतिस्थापन
C) प्रभाजी आसवन
D) फिल्टरन
Answer : C
Description :
मिश्रण के घटकों के क्वथनांकों की भिन्नता का उपयोग करते हुए किसी मिश्रण के घटकों को अलग करने की प्रक्रिया को प्रभाजी आसवन कहते हैं।
प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) प्रभाजी आसवन विधि के द्वारा उन मिश्रित द्रवों का पृथक्करण किया जाता है जिसमें द्रवों के क्वथनांकों में बहुत कम अन्तर होता है। Ex. भूगर्भ से निकाले गये खनिज तेल से पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल प्रभाजी आसवन विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है।
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_______________ सोडियम का द्विअंगी (binary) यौगिक है।
A) सोडियम नाइट्रेट
B) सोडियम सलफेट
C) सोडियम कार्बोनेट
D) सोडियम क्लोराइड
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गैमेक्सीन के अन्य नाम है
I. बी.एच.सी.
II. लिंडेन
III. ऐल्ड्रिन
इन तीनों में से
A) I तथा II सही हैं
B) I तथा III सही हैं
C) सारे सही हैं
D) II तथा III सही हैं
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किसी 100 मी.ली. जलीय विलयन में सर्वाधिक संख्या में कण पाये जाएगें?
A) 0.5 मोल NaCI
B) 0.8 मोल KBr
C) 1 मोल एथिल ऐल्कोहॉल
D) 0.4 मोल MgBr2
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विकृतीकृत (denatured) ऐल्कोहॉल
A) हेल्कोहॉल का एक अति-शुद्ध प्रकार है
B) यह पीने के लिए अनुपयुक्त होता है क्योंकि इसमें जहरीले पदार्थ होते हैं
C) इनमें रंगीन अपद्रव्य (impurities) होते है
D) इसका स्वाद मीठा होता है