आसानी से झाग नहीं देने वाला जल कहलाता है-
आसानी से झाग नहीं देने वाला जल कठोर जल कहलाता है।
जल की कठोरता दो प्रकार की होती है।
अस्थायी कठोरता- इसमें कैल्शियम या मैग्नेशियम के बाईकार्बोनेट (HCO3) घुले होते हैं। इस जल को उबालकर एवं चूना का जल मिलाकर जल की अस्थायी कठोरता दूर की जाती है।
स्थायी कठोरता- जल में कैल्शियम का मैग्नेशियम के क्लोराइड या सल्फेट के कारण स्थायी कठोरता होती है। यह कठोरता आसवन विधि द्वारा दूर की जाती है।
सोडियम कार्बोनेट (Na2 CO3) जल की अस्थायी एवं स्थायी दोनों कठोरता दूर करता है।
भारी जल (D2O) का उपयोग परमाणु रिएक्टर में मंदक के रुप में होता है इसका अणुभार 20 होता है।
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