कालिदास ने ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम’ में किस तीर्थस्थल की महिमा का वर्णन किया है?
जींद के ऐतिहासिक सोम तीर्थस्थल का उल्लेख कालिदास ने अभिज्ञान शाकुन्तलम में किया है। इस तीर्थ का संबंध महाभारत काल से है। यह तीर्थ संस्कृति और आस्था का प्रतीक के रुप में प्रसिद्ध है।
संबंधित प्रश्न (Related)
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
(i) नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना वर्ष 1955 में हिसार में की गई।
(ii) सेण्ट्रल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन बफैलोज की स्थापना वर्ष 1975 में करनाल में की गई।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
निम्नलिखित में से कौन-सी मृदा को ‘डाकर’ के नाम से जाना जाता है?
निम्न को सुमेलित करें
| सूची-। | सूची-।। |
| A. हर्ष एवं पुष्यभूति वंश का परिचय देने वाला ताम्रपत्र | (i) पेहोवा |
| B. नौवीं शताब्दी का भोजदेव का अभिलेख | (ii) सोनीपत |
| C. पशुपति सम्प्रदाय से सम्बन्धित अभिलेख | (iii) जगाधरी (धुन) |
| D. बारहखड़ी की लिखाई का प्रामण देने वाला अभिलेख | (iv) सिरसा |
कूटः A B C D
भक्तिकाल से सम्बन्धित गौड़ीय मठ नामक धार्मिक स्थल हरियाणा के किस जिले में स्थित है?
12 अक्टूबर, 1988 को रोहतक में कांग्रेस की पहली सार्वजनिक सभा की अध्यक्षता किसने की?