स्वतंत्रता संग्राम के समय पंचायत के मुखिया को किस प्रकार की उपाधि देने की परम्परा पड़ गई थी?
ग्राम सभा के प्रमुख व्यक्ति को ग्राम का मुखिया कहा जाता था। ग्राम स्तर पर सभी कार्य में इसकी भूमिका महत्त्वपूर्ण होती थी। सूचनाओं के आदान-प्रदान से लेकर किसी भी व्यक्ति पर नजर इसके माध्यम से रखा जाता था। स्वतंत्रता संग्राम के समय इसकी भूमिका ब्रिटिश सरकार और विद्रोही सैनिकों दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण थी। उस समय पंचायत के मुखिया को वजीर की उपाधि देने की परम्परा पड़ गई थी।
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