स्वतंत्रता संग्राम के समय पंचायत के मुखिया को किस प्रकार की उपाधि देने की परम्परा पड़ गई थी?
ग्राम सभा के प्रमुख व्यक्ति को ग्राम का मुखिया कहा जाता था। ग्राम स्तर पर सभी कार्य में इसकी भूमिका महत्त्वपूर्ण होती थी। सूचनाओं के आदान-प्रदान से लेकर किसी भी व्यक्ति पर नजर इसके माध्यम से रखा जाता था। स्वतंत्रता संग्राम के समय इसकी भूमिका ब्रिटिश सरकार और विद्रोही सैनिकों दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण थी। उस समय पंचायत के मुखिया को वजीर की उपाधि देने की परम्परा पड़ गई थी।
संबंधित प्रश्न (Related)
भिवानी जिले के ऊँचे क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई सिंचाई योजना कौन-सी है?
गिरिपादीय मृदाओं को कहाँ ‘घर’ कहा जाता है?
हरियाणा के प्रख्यात कृषि भूगोलविद् डॉᵒ जसबीर सिंह ने राज्य की मृदा को कितने भागों में विभाजित किया है?
निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?
पानीपत के निकट बाबर ने अपनी प्रिय रानी मुसम्मत काबुली बेगम की याद में और पानीपत के प्रथम युद्ध में विजय की खुशी में किस चीज का निर्माण करवाया था?