रोहतक में पंडित रामभज दत्त की अध्यक्षता में सम्मेलन का आयोजन कब हुआ था, जिसमें गाँधीजी के असहयोग आंदोलन को कार्य रुप देने का निर्णय लिया गया था?
रोहतक में पंडित रामभज दत्त की अध्यक्षता में सम्मेलन का आयोजन नवम्बर 1920 में हुआ था, जिसमें गाँधीजी के असहयोग आन्दोलन को मूर्त रुप देने का निर्णय हुआ। चूँकि इससे पहले रॉलेट एक्ट नामक कुख्यात कानून पास हो चुका था। जिसके विरोध की परिणति में जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड हो चुका था। तथा इस घटना को ब्रिटिश सरकार द्वारा सही भी ठहराया जा चुका था, से आहत होकर असहयोग आन्दोलन करने का विचार आया था।
संबंधित प्रश्न (Related)
‘अधखिला फूल’ किसकी प्रसिद्ध रचना है?
‘माटी का मोल’ उपन्यास किसने लिखा?
महर्षि च्यवन की तपोभूमि (महेन्द्रगढ़) पर कौन-से मेले का आयोजन किया जाता है?
41 करोड़ रुपये की लागत से कितने नए ट्रांसफॉर्मर लगाने की योजना लागू की गई है?
राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री थे-