विग्रहराज चतुर्थ के कितने लेख टोपरा स्तम्भ पर अंकित हैं?
विग्रहराज चतुर्थ के तीन लेख टोपरा स्तम्भ पर अंकित हैं। विग्रहराज को विसलदेव के नाम से भी जानते हैं। यह 1153 ई. में अजमेर की गद्दी पर बैठा। इसने अपने राज्य का बहुत विस्तार किया। इसने गजनी के शासक खुशरुशाह तथा दिल्ली के तोमर शासक को हराया। इसने दिल्ली को अपने राज्य में मिला लिया। यह एक अच्छा शासक तथा सेनापति के साथ ही साथ विद्वान भी था। इसने सोमदेव जैसे विद्वान को अपने दरबार में सम्मान सहित रखा था। इसे कवि बान्धव के नाम से भी जाना जाता है।
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पंडित नेकीराम शर्मा ने वर्ष 1917 में रोहतक जिले में किस आंदोलन का नेतृत्व किया था?
सुमेलित करें
| सूची-। | सूची-।। |
| A. शिवालिका | (i) हरियाणा का पूर्वी किनारा |
| B. गिरिपद मैदान | (ii) शिवालिक के गिरिपाद से अरावली तक |
| C. जलोढ़ मैदान | (iii) यमुना के घग्घर नदी तक |
| D. बाढ़ का मैदान | (iv) राज्य का उत्तर-पूर्वी भाग |
कूटः A B C D
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
(i) महेन्द्रगढ़ जिला औद्योगिक दृष्टि से एक विकसित जिला है।
(ii) यहाँ पर्याप्त मात्रा में खनिज पाए जाये हैं।
(ii) रेवाड़ी जिला बनने से पूर्व यहाँ मध्यम एवं वृहत उद्योग थे।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य है?
असहयोग आंदोलन के समय हरियाणा में कौन-सा लॉ लागू किया गया था?
‘संत गरीबदास’ का जन्म हरियाणा में कहाँ हुआ था?