किस ग्रन्थ के अनुसार प्रभाकरवर्द्धन की मुत्यु होने पर रानी यशोमती राजा की चिता में स्वयं को समर्पित कर सती हो गई?
प्रभाकरवर्द्धन थानेश्वर का राजा था, जो पुष्यभूति वंश का था। यह छठी शताब्दी के अंत में राज करता था। अपने पड़ोसी राज्यों, मालवा, उत्तर-पश्चिमी पंजाब के हुणों तथा गुर्जरों के साथ युद्ध करके प्रभाकरवर्द्धन ने काफी प्रतिष्ठा अर्जित की थी। इसकी मृत्यु 604 ई. में हो गई। हर्षचरितम में यह उल्लेखित है कि इनकी पत्नी यशोमती ने भी अपने पति की चीता में स्वयं को समर्पित कर सती हो गई थी।
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