बिहार प्रदेश की जलवायु में कितने मौसम प्रचलित हैं?
बिहार की जलवायु को तीन मुख्य ऋतुओं में बाँटा गया हैं- (1) ग्रीष्म ऋतु-मार्च से जून (2) ऋतु-जून से अक्टूबर तक (3) शीत ऋतु-अक्टूबर से मार्च तक।
ग्रीष्म ऋतु में बिहार में तापमान बढ़ जाता है, लू और धूल भरी आंधियँ चलती है। बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न उष्णकटिबन्धीय चक्रवात के कारण बिहार के पूर्वी भागों में वर्षा होती है। इस मौसम में वर्षा से आम और लीची के पौधों को लाभ पहुँचता है।
वर्षा ऋतु में बिहार में मानसून का आगमन होता है। बिहार में मानसून हवा का प्रवेश दो दिशाओं से होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी में पहुँचती है और उत्तर की ओर चलते हुए पूर्व तथा पश्चिम की ओर मुड़ जाती है। दूसरी धारा ओडिशा को पार करते हुए झारखंड के पठारी क्षेत्र को पार करके बिहार के मैदानी भागों में पहुँचकर मुख्य धारा से मिल जाती है। बिहार के मैदानी भाग में जुलाई माह में औसत तापमान 34⁰ से तथा सितम्बर एवं अक्टूबर माह में 30⁰ सेल्सियस के आस-पास रहता है। इस मानसून का प्रभाव 15 अक्टूबर तक बना रहता है।
शीत ऋतु का मौसम नवम्बर से फरवरी तक होता है। इस मौसम में भू-मध्य सागर से आने वाले शीतोष्ण चक्रवात से होने वाली वर्षा से रबी की फसल को लाभ पहुँचता है।
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