सदाकत आश्रम की स्थापना किसने की थी?
सदाकत आश्रम की स्थापना मजहरुल हक ने की थी। असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर स्कूल, कॉलेज छोड़ने वाले छात्रों के पढ़ाई के समुचित प्रबंध हेतु मु. फजलुल रहमान एवं राजेन्द्र प्रसाद ने मिलकर पटना-गया रोड पर एक राष्ट्रीय महाविद्यालय खोल दिया। धीरे-धीरे इस महाविद्यालय में बद्रीनाथ वर्मा, रामचरित्र सिंह, अब्दुल बारी जैसे लोग भी प्राध्यापक के रूप में जुड़ गए। 6 फरवरी, 1921 ई. में जब महात्मा गांधी बिहार आए तो इसी महाविद्यालय के भवन में बिहार विद्यापीठ का गांधीजी के द्वारा विधिवत् उद्घाटन हुआ। बाद में बिहार के लगभग सभी जिलों में बिहार विद्यापीठ से सम्बद्ध राष्ट्रीय पाठशालाएँ खुली जिनमें छात्रों को समुचित ढंग से शिक्षा दी जाने लगी। इसी समय मजहरुल हक ने पटना इंजीनियरिंग कॉलेज छोड़कर आए छात्रों को लेकर पटना दानापुर रोड पर अपने एक मित्र मियाँ खैरूद्दीन के मकान में छात्रों को पढ़ाना शुरू किया। यह स्थान आगे चलकर सदाकत आश्रम के रूप में बदल गया। इसी सदाकत आश्रम से 30 सितम्बर, 1921 को मजहरुल हक ने मदरलैंड नामक एक अखबार निकालना शुरू किया जो सदैव हिंदू-मुस्लिम एकता का पाठ पढ़ाता रहा। यहाँ छात्रों द्वारा चरखे बनाने का काम आरंभ हुआ। धीरे-धीरे यह स्थान बिहार में राष्ट्रीय आंदोलन का मुख्यालय बन गया। कालान्तर में यह बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति का कार्यालय बना।
संबंधित प्रश्न (Related)
बिहार के सबसे पहले सूफी संत कौन थे?
त्रिपिटक किसकी धार्मिक पुस्तक है?
पुराना बिहार का कितना प्रतिशत जमीन लेकर झारखण्ड राज्य बना है?
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कौन-से इश्तिहारों को कांग्रेस समाजवादी दल द्वारा जनता के बीच क्रांतिवाद के संदेश जनता तक पहुँचाने के लिए बांटा जाता था ?
राज्य बिहार सरकार ने सरकार आपके द्वार कर्यक्रम की शुरुआत कब की थी?