पूँजी मिलान अनुपात का निम्नलिखित में आशय होता है-
पूँजीकरण अनुपात इस बात की व्याख्या करती है कि कोई कंपनी अपने धन या पूंजी को कैसे जुटाती है। कंपनी के पूँजी जुटाने के ऋण और इक्विटी दो मुख्य विधियाँ है, जिनका उपयोग कंपनी अपने वित्तपोषण के लिए कर सकती है। ऋण दीर्घकालिक या अल्पकालिक हो सकता है और इसमें बांड जारी करने के लिए बैंक ऋण शामिल हो सकता है जबकि इक्विटी, ऋण से अधिक महंगा हो सकता है। इसके अन्तर्गत पूर्वाधिकार अंश, समता अंश या अन्य स्रोत शामिल हो सकते हैं।
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