निम्नलिखित में से किसे ‘धन का उपयोग’ के रुप में माना जा सकता है?
रोकड़ में वृद्धि को ‘धन के उपयोग’ के रुप में माना जा सकता है।
रोकड़ प्रवाह शब्द का तात्पर्य किसी कम्पनी में और उसके बाहर रोकड़ और रोकड़ समकक्षों की शुद्ध राशि से है। प्राप्त रोकड़ ‘प्रवाह’ का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि खर्च किया गया धन ‘बहिर्वाह’ का प्रतिनिधित्व करता है। रोकड़ में वृद्धि यह इंगित करना है कि एक कम्पनी की तलर संपत्ति बढ़ रही है जिससे दायित्वों को कवर करने, व्यवसाय में पुनर्निवेश, शेयरधारकों को पैसा लौटाने खर्चों का भुगतान करने और भविष्य की वित्तीय चुनौतियों के लिए एक रिजर्व बना रहेगा।
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