यदि नील की खेती करने से छूट चाहते, तो नील के किसानों को कौन-सी क्षतिपूर्ती कर देना पड़ता था?
A) बट्टा
B) जजिया
C) तवान
D) नज़राना
Answer : C
Description :
ब्रिटिश प्रशासन और जमींदारों ने "तीन कठिया" प्रणाली की स्थापना की थी जिसके अंतर्गत एक बीघा में तीन कट्ठा भूमि नील की खेती के लिए आरक्षित थी। किसानों को नील की खेती की लागत उठानी पड़ी और ब्रिटिश खेतमालिक किसानों की क्षतिपूर्ति किए बिना ही उपज रख लेते थे। इतना ही नहीं, उन पर लगाए गए विभिन्न करों के माध्यम से उनका भी शोषण किया गया। मारवा और सगोरा जैसे कारखानों में नील देने के दौरान किसानों को कई करों का भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इन किसानों से 'तवान' नामक क्षतिपूर्ति कर देना होता था।
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बिहार राज्य चीनी निगम की स्थापना कब हुई थी?
A) 1971 ईᵒ में
B) 1972 ईᵒ में
C) 1973 ईᵒ में
D) 1974 ईᵒ में
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भारत में वहाबी आंदोलन किसने आरंभ किया था ?
A) विलायत अली एवं इनायत अली
B) सैय्यद अहमद शहीद
C) अहमदुल्ला
D) फतह अली
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भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 11 अगस्त, 1942 को सचिवालय के समीप झंडा फहाराने के क्रम में सात छात्रों की मौत पुलिस की गोली से हो गई थी। इन छात्रों की जुलूस पर गोली चलाने का आदेश किस न्यायाधीश ने दिया था?
A) एम. जी. हैलेट ने
B) डब्लू. जी. आर्चर ने
C) टॉमस रम्बोल्ड
D) डब्लू. एच. फ्रूप्स ने
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बिहार में विकास एवं निवेश परिषद् के अध्यक्ष कौन हैं?
A) मुख्यमंत्री
B) वित्तमंत्री
C) राज्यपाल
D) प्रधानमंत्री
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार कौन-से पद पर रह चुके हैं??
A) भारत के रेलमंत्री
B) भारत के पथ एवं परिवहन मंत्री
C) भारत के कृषि राज्य मंत्री
D) उपर्युक्त सभी