Question :

‘उसने संतोष का साँस ली।’ वाक्य का शुद्ध रुप क्या होगा?


A) उसने संतोष के सांस लिए।
B) उसने संतोष की सांस लिए।
C) उसने संतोष को सांस लिए।
D) उसने संतोष की सांस ली।

Answer : D

Description :


‘उसने संतोष का साँस ली।’ इस वाक्य में लिंग सम्बंधी अशुद्धि है। इसका शुद्ध रुप - उसने संतोष की सांस ली।


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निम्नलिखित वाक्यों में एक वाक्य शुद्ध है-


A) पेड़ की पत्ता गिरी।
B) पेड़ में से पत्ता गिरा।
C) पत्ता गिर पड़ा पेड़ों से।
D) पेड़ से पत्ता गिरा।

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‘संस्कृत संश्लिश्ट भाषा है।’ इस वाक्य में संश्लिश्ट का शुद्ध रुप है-


A) संष्लिष्ठ
B) संश्लिस्ट
C) संश्लिष्ट
D) संस्लिष्ट

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‘हनुमान ने संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के लिए होश लाये।’ वाक्य में त्रुटि का आधार पहचानिए।


A) कारक
B) वचन
C) विशेषण
D) लिंग

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निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य शुद्ध है?


A) इतने में क्या देखते हैं कि सामने नंगी तलवार लिए वह खड़ा है।
B) वह अनेक वर्षों से वहाँ पढ़ता था, पढ़ाता था।
C) तुम्हारे पिताजी को आने दो तो तुम्हें मैं मजा चखाता हूँ।
D) उपरोक्त सभी

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निम्नलिखित में से एक वाक्य अशुद्ध है-


A) इस बात का स्पष्टीकरण करना आवश्यक है।
B) प्याज तीखा होता है।
C) आप इतनी देर में क्यों आये?
D) प्रत्येक श्रमिक को दो रुपये मिले।

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