“मैंने मेरे को सुधान लिया है।” वाक्य में किस प्रकार की अशुद्धि है?
A) कारक
B) सर्वनाम
C) लिंग
D) वचन
Answer : B
Description :
“मैंने मेरे को सुधार लिया है।” इस वाक्य में सर्वनाम संबंधी अशुद्धि है। इसका शुद्ध वाक्य – मैंने अपने को सुधार लिया है।
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निर्देश (प्रश्न सं. 156 से 158 तक) - दिए गए वाक्यों में से कुछ में त्रुटिया हैं और कुछ ठीक हैं। वाक्य के जिस भाग में त्रुटियां हों, उसके अनुरुप अक्षर वाले गोलाकार खाने को काला करें। यदि वाक्य में कोई त्रुटि न हों, तो “कोई त्रुटि नहीं” वाले अक्षर के गोलाकार खाने को पूरी तरह काला करें।
A) भिनभिनाती हुई रहती हैं
B) मक्खियाँ हरक्षण
C) खुले हुए भोजन पर
D) कोई त्रुटि नहीं
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‘यह निबंध मैं लिखा हूँ’, इस अशुद्ध वाक्य के लिए निम्न में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए।
A) मैंने यह निबंध लिखा हूँ।
B) मैं यह निबंध लिखा हूँ।
C) यह निबंध मैंने लिखा है।
D) यह निबंध मैं लिखा हूँ।
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शुद्ध वाक्य छाँटिए।
A) अज्ञेय ने अनेकों ग्रन्थ लिखे हैं।
B) अज्ञेय ने अनेक ग्रन्थ लिखे हैं।
C) अज्ञेय ने अनेकों ग्रन्थों को लिखा है।
D) उपरोक्त में से कोई नहीं
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निम्न वाक्य के किस भाग में त्रुटि है? पहचानिए-
आधुनिक हिन्दी के सबसे सशक्त कवयित्रियों में से एक होने के कारण उन्हें ‘आधुनिक मीरा’ के नाम से भी जाना जाता है।
A) उन्हें ‘आधुनिक मीरा’ के नाम
B) से भी जाना जाता है
C) आधुनिक हिन्दी के सबसे सशक्त कवयित्रियों
D) में से एक होने के कारण
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निम्न वाक्यों में से एक वाक्य व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध है, पहचानिए।
A) गर्मी की उमस के बाद वर्षा शुर हुई।
B) विश्वनाथ अपने परिवारियों के साथ किसी महानगर में एक छोटे तंग मकान में रहता है।
C) कई सालों से निर्मला के मन में तीर्थयात्राओं की बड़ी लालसा थी।
D) यही हमने जीवन में सब कुछ प्राप्त करना है, तो पुरुषार्थ को अपने जीवन का लक्ष्य बनाना चाहिए।