Question :

निम्नलिखित वाक्य अर्थ की दृष्टि से किसी भेद के अन्तर्गत आएगा?

 

“मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर तुम देना फेंक।”


A) इच्छार्थक
B) आदेशार्थक
C) विस्मयार्थक
D) देशभक्तिपरक

Answer : B

Description :


‘मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर तुम देना फेंक।’ यह वाक्य अर्थ की दृष्टि से आदेशार्थक के अन्तर्गत आएगा। ऐसे वाक्य जिससे किसी तरह की आज्ञा का बोध हो, आज्ञार्थक या आदेशार्थक वाक्य कहलाते हैं। इस वाक्य में भी कर्त्ता (पुष्प) वनमाली को आदेश (तोड़ लेना, फेंक देना) दे रहा है तथा वनमाली के लिए ‘तुम’ शब्द का प्रयोग हुआ है। अतः ये आदेशार्थक वाक्य है।


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संयुक्त वाक्य को सरल वाक्य में बदलों।

 

“अतिथि आए और कार्यक्रम शुरु हुआ।”


A) जैसे ही अतिथि आये कार्यक्रम शुरु हुआ।
B) अतिथि के आते ही कार्यक्रम शुरु हुआ।
C) अतिथि के आते के साथ ही कार्यक्रम शुरु हुआ।
D) ज्यों अतिथि आये कार्यक्रम शुरु हुआ।

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‘जब घोड़े ने चारा खाया, तब चला गया।’ इस मिश्र वाक्य को सरल वाक्य में बदलें।


A) चारा खाकर घोड़ा ठुमककर चलते बना।
B) चारा खाकर घोड़ा चला गया।
C) घोड़े ने स्वादिष्ट चारा खाया और चलते बना।
D) घोड़े ने चारा खाया और पेट फुलाकर चला गया।

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‘सीढ़ी के सहारे मैं जहाज पर पहुँचा’ वाक्य में ‘सीढ़ी के सहारे’ क्या है?


A) साधारण उद्देश्य
B) विधेय विस्तारक
C) उद्देश्य वर्द्धक
D) कोई नहीं

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‘राधा नाचती-गाती है।’ का मिश्र वाक्य है-


A) गाना गाती हुई राधा नाचती है।
B) नाचती हुई राधा गाना गाती है।
C) राधा नाच कर गाती है।
D) जो नाचती गाती है, वह राधा है।

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_________ के कारण मैं रस्सी को साँप समझ बैठा।”

 

रिक्त स्थान के लिए उपयुक्त शब्द होगा-


A) सन्देह
B) भय
C) जिज्ञासा
D) भ्रम

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