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किस विद्वान ने देवनागरी लिपि के स्थान पर रोमन लिपि स्वीकार करने का सुझाव दिया था?

A सुनीति कुमार चटर्जी
B महात्मा गाँधी
C काका कालेलकर
D विनोबा भावे
Correct Answer: A
Solution & Explanation

डॉ, सुनीति कुमार चटर्जी ने यह सुझाव दिया था कि ‘देवनागरी लिपि’ के स्थान पर ‘रोमन लिपि’ को प्रचलित किया जाय।

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निम्नलिखित विधि के क्रियारुपों को उनकी बोली के साथ सुमेलित कीजिये-

 

(a) करो        1. अपभ्रंश

(b) करहु       2. भोजपुरी

(c) करौ        3. अवधी

(d) करा        4. बाँगरु

                   5. ब्रज

 

कूट : (a) (b) (c) (d)