Question :

सूरदास और नंददास की काव्य रचनाओं की भाषा कौन-सी थी?


A) खड़ी बोली
B) ब्रजभाषा
C) संस्कृत
D) प्राकृत

Answer : B

Description :


सूरदास और नंददास की काव्य रचनाओं की भाषा, ब्रजभाषा में संकलित है।

 

अन्य विकल्प सम्बन्धित हैं-

खड़ी बोली- लल्लू लाल जी, सदल मिश्र, इंशाअल्ला खाँ तथा मुंशी सदासुखलाल खड़ी बोली गद्य के प्रतिष्ठापक कहे जाते हैं। आदिकवि वाल्मीकि की रचना रामायण संस्कृत में है।


Related Questions - 1


भाषा की उत्पत्ति के संबंध में निम्नलिखित सिद्धांतों को उनके प्रतिपादकों के साथ सुमेलित कीजिये -

 

 (a) धातु सिद्धांत 1. स्वील
 (b) यो हे हो सिद्धांत 2. रेवेज
 (c) इंगित सिद्धांत 3. राये
 (d) सम्पर्क सिद्धांत 4. न्वायर
  5. हेज

 

कूट : (a) (b) (c) (d)


A) 3 2 4 5
B) 4 5 3 1
C) 5 4 3 2
D) 2 4 5 3

View Answer

Related Questions - 2


किस विद्वान ने देवनागरी लिपि के स्थान पर रोमन लिपि स्वीकार करने का सुझाव दिया था?


A) सुनीति कुमार चटर्जी
B) महात्मा गाँधी
C) काका कालेलकर
D) विनोबा भावे

View Answer

Related Questions - 3


‘आइना’ को खड़ी बोली में क्या कहते हैं?


A) सीसा, आए नहीं
B) शीशा, दर्पण
C) आया नहीं
D) हे भगवन

View Answer

Related Questions - 4


भारतीय संविधान में किस भाषा को ‘राजभाषा’ के रुप में स्वीकार किया गया है?


A) अंग्रेजी
B) उर्दू
C) हिन्दी
D) तमिल

View Answer

Related Questions - 5


‘सूरसागर’ किस भाषा की कृति है?


A) खड़ी बोली
B) ब्रजभाषा
C) अवधी
D) पंजाबी

View Answer