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इंडियन गवर्नमेंट एग्जाम प्रेप

टूट चाप नहिं जुरै रिसाने का अर्थ है -

A टूटा धनुष क्रोध करने से नहीं जुड़ता
B चिन्ता छोड़ो सुख से जिओ
C नुकसान के लिए परेशान नहीं होना चाहिए
D नुकसान हो जाने पर क्रोध करना व्यर्थ है
Correct Answer: D
Solution & Explanation
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संबंधित प्रश्न (Related)

सुनु सिय सत्य असीस हमारी।

पूजिहि मन कामना तुम्हारी।।

 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?

निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |

 

(1) काव्य के विषय में द्विवेदीजी की एक

(य) विशेष प्रकार की रुचि बन गई थी और चूँकि व

(र) कवि की दृष्टि से करते थे अतः अनेक नए काव्यों को, जो

(ल) काव्य का अध्ययन आलोचक की दृष्टि से नहीं वरन्

(व) उनके संस्कारों से मेल नहीं खाते थे, मुक्त भाव से स्वीकार करना

(6) उनके लिए कठिन हो जाता था।

दिए गए शब्द-युग्म के सही अर्थ-भेद का चयन कीजिए

 

अन्तर-अनन्तर

‘लेखक’ शब्द के अन्त में कौन-सा प्रत्यय लगा हुआ है ?

‘तिक्त’ शब्द का तत्सम रुप है -

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