Question :

कुम्हार अपना ही घड़ा सराहता है का अर्थ है -


A) अपनी ही प्रशंसा करना
B) अपनी बनाई हुई वस्तु सबको अच्छी लगती है
C) किसी को बोलने नहीं देना
D) दूसरों की वस्तु को तुच्छ समझना

Answer : B

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बड़े न हुजे बिनु विरद बड़ाई पाए।

कहत धतूरे सों कनक, गहनो गढ़ो न जाए।।

 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?


A) अतिशयोक्ति
B) प्रतिवस्तूपमा
C) अर्थान्तरन्यास
D) विरोधाभास

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अंधा पावै आँखे तो पतियाय का अर्थ है -


A) सबसे मूल्यवान वस्तु प्राप्त करके प्रसन्न होना
B) अभीष्ट की प्राप्ति होने पर विश्वास का जमना
C) असंभव की चाह होना
D) असंभव को संभव कर दिखाना

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दिए गए शब्द-युग्म के सही अर्थ-भेद का चयन कीजिए

 

चित्त-चित


A) दुविधा-थका हुआ
B) पराजित-अन्तःकरण
C) चंचल-पराजित
D) मन-पीठ के बल पड़ा हुआ

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समय की दृष्टि से अनुकूल -


A) अनुकूल
B) समानुकूल
C) प्रतिकूल
D) समयानुकूल

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निम्नलिखित शब्दों में से कौन सा तद्भव शब्द है ?


A) पंख
B) पृष्ठ
C) लज्ज
D) शिला

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