Question :

कुम्हार अपना ही घड़ा सराहता है का अर्थ है -


A) अपनी ही प्रशंसा करना
B) अपनी बनाई हुई वस्तु सबको अच्छी लगती है
C) किसी को बोलने नहीं देना
D) दूसरों की वस्तु को तुच्छ समझना

Answer : B

Description :



Related Questions - 1


अति मलीन वृषभानुकुमारी।

अधोमुख रहति, उरध नहिं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी।

छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानों, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी।।

 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?


A) अनुप्रास
B) उत्प्रेक्षा
C) रुपक
D) उपमा

View Answer

Related Questions - 2


कुम्हार अपना ही घड़ा सराहता है का अर्थ है -


A) अपनी ही प्रशंसा करना
B) अपनी बनाई हुई वस्तु सबको अच्छी लगती है
C) किसी को बोलने नहीं देना
D) दूसरों की वस्तु को तुच्छ समझना

View Answer

Related Questions - 3


गानेवाला, लघुत्तर शब्द में कौन-सा प्रत्यय है ?


A) वत, ईला
B) वाला, तर
C) आन, इक
D) ई, क

View Answer

Related Questions - 4


निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |

 

(1) देश में अनुशासन को पुनः स्थापना हेतु

(य) का थोड़ा-बहुत समावेश

(र) यह आवश्यक है कि हमारी शिक्षा-व्यवस्था में

(ल) अवश्य किया जाए

(व) नौतिक और चारित्रिक शिक्षा

(6) ताकि छात्रों को कर्त्तव्य-अकर्त्तव्य का ज्ञान हो सके।


A) य र ल व
B) र व य ल
C) ल व य र
D) व ल र य

View Answer

Related Questions - 5


‘स्पृश्य’ का विलोम शब्द है -


A) स्पृस्य
B) अस्पृस्य
C) अश्पृष्य
D) अस्पृश्य

View Answer