बड़े न हुजे बिनु विरद बड़ाई पाए।
कहत धतूरे सों कनक, गहनो गढ़ो न जाए।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
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गये थे रोजा छुड़ाने, नमाज गले पड़ी का अर्थ है -
निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) धूप में चमकता
(य) हरा-भरा बगीचा
(र) वे पेड़ अब बहुत
(ल) दिख रहा है, सामने
(व) बड़े हो गए हैं
(6) जिन्हें बाबा ने लगाया था।
जिस समास का पूर्वपद (पहला पद) प्रधान हो उसे कौन सा समास कहते हैं ?
किसको पुकारे यहाँ रोकर अरण्य बीच,
चाहे जो करो शरण्य शरण तिहारे है।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
जिस छंद में वर्णिक या मात्रिक प्रतिबंध न हो, वह छंद क्या कहलाता है ?