Question :

दिवसावसान का समय

मेघमय आसमान से उतर रही है

वह संध्या-सुन्दरी परी सी

धीर-धीरे-धीरे।

 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?


A) उपमा
B) रुपक
C) मानवीकरण
D) इनमें से कोई नहीं

Answer : A

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कोई भी छंद किसमें विभक्त रहता है ?


A) चरणों में
B) यति में
C) दोनों में ही
D) इनमें से कोई नहीं

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‘अज्ञ’ का विलोम शब्द है -


A) विज्ञ
B) यज्ञ
C) सर्वज्ञ
D) अनज्ञ

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टूट चाप नहिं जुरै रिसाने का अर्थ है -


A) टूटा धनुष क्रोध करने से नहीं जुड़ता
B) चिन्ता छोड़ो सुख से जिओ
C) नुकसान के लिए परेशान नहीं होना चाहिए
D) नुकसान हो जाने पर क्रोध करना व्यर्थ है

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‘पक्ष’ का तद्भव रुप है।


A) पंछी
B) पखेरु
C) पंख
D) इनमें से कोई नहीं

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तद्भव शब्द है -


A) मानव
B) मनई
C) मनुष्य
D) मानो

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