बिहार से प्राप्त मौर्य अभिलेखों की लिपि है-
मौर्य अभिलेखों में शाहबाजगढ़ी एवं मानसेहरा (पाकिस्तान) के अभिलेख खरोष्ठी लिपि में उत्कीर्ण है। तक्षशिला एवं लघमान (काबुल के समीप अफगानिस्तान) अभिलेख अरमाइक लिपि में उत्कीर्ण है। शर-ए-कुना (कंधार, अफगानिस्तान) अभिलेख एवं ग्रीक (द्विभाषी एवं द्विलिपिक) में उत्कीर्ण है। इसके अतिरिक्त सभी मौर्य शिलालेख, लघुशिला लेख, स्तंभ लेख एवं लघु स्तंभ लेख ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण है।
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