Question :
A) उसका त्वरण दुगुना होगा
B) उसका संवेग दुगुना होगा
C) उसकी गतिज ऊर्जा दुगुनी होगी
D) उसकी स्थितिज ऊर्जा दुगुनी होगी
Answer : B
किसी पिंड का वेग दुगुना हो जाये तो -
A) उसका त्वरण दुगुना होगा
B) उसका संवेग दुगुना होगा
C) उसकी गतिज ऊर्जा दुगुनी होगी
D) उसकी स्थितिज ऊर्जा दुगुनी होगी
Answer : B
Description :
Related Questions - 1
किसी पिंड का द्रव्यमान उसके अपने भार से भिन्न होता है, क्योंकि
A) द्रव्यमान एक चर राशि है जबकि भार स्थिर राशि है।
B) भिन्न-भिन्न स्थानों पर द्रव्यमान में बहुत कम और भार में अधिक परिवर्तन होता है।
C) विषुवत रेखा से ध्रुवों पर जाने से द्रव्यमान स्थिर रहता है और भार में वृद्धि होती है।
D) पदार्थ की मात्रा का मापक द्रव्यमान है किन्तु भार एक बल है।
Related Questions - 2
आर्द्रता मापी यंत्र की सहायता से निम्नलिखित में से किसका मापन किया जाता है ?
A) द्रवों का आपेक्षिक घनत्व
B) दूध की परिशुद्धता
C) आपेक्षिक आर्द्रता
D) वायुमंडलीय दाब
Related Questions - 3
किसी पिंड का भार उत्तरी- ध्रुव व विषुवत रेखा पर क्रमशः WP व WE हैं। यदि पृथ्वी का घूर्णन रुक जाय तो-
A) WP बढ़ जायेगा।
B) WP में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
C) WE में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
D) WE कम हो जायेगा।
Related Questions - 4
परिदर्शी में होने वाली प्रकश की परिघटना-
(i) परावर्तन है
(ii) प्रकीर्णन है
(iii) अपवर्तन है
(iv) विवर्तन है
A) (i) व (ii)
B) (i) व (iii)
C) (i), (ii) व (iii)
D) सभी चारों
Related Questions - 5
क्षितिज के निकट होने पर सूर्य व चन्द्रमा दीर्घ वृत्ताकार (elliptical) प्रतीत होते हैं इसका कारण है
A) प्रकाशीय दृष्टि-भ्रम (optical-illusion)
B) व्यतिकरण
C) अपवर्तन
D) इनकी आकृति में वास्तविक परिवर्तन