Question :
A) चन्द्रमा की अपने अक्ष पर घूर्णन की अवधि, पृथ्वी के चारों और परिक्रमा अवधि के बराबर होना
B) चन्द्रमा का स्थिर होना
C) चन्द्रमा द्वारा पृथ्वी की परिक्रमा अवधि पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा अवधि के बराबर होना
D) जिस तरह पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन करती है चन्द्रमा का उस तरह नहीं करना
Answer : A
हमें सदैव चन्द्रमा का एक ही पार्श्व दिखाई देने का कारण है -
A) चन्द्रमा की अपने अक्ष पर घूर्णन की अवधि, पृथ्वी के चारों और परिक्रमा अवधि के बराबर होना
B) चन्द्रमा का स्थिर होना
C) चन्द्रमा द्वारा पृथ्वी की परिक्रमा अवधि पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा अवधि के बराबर होना
D) जिस तरह पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन करती है चन्द्रमा का उस तरह नहीं करना
Answer : A
Description :
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रेडार का प्रयोग -
A) रिसीवर में सिग्नल प्राप्त करने के लिय करते हैं
B) ग्रह की गति का अध्ययन करने हेतु करते हैं
C) वायुयान जैसी वस्तुओं की पहचान व स्थिति निर्धारण करने हेतु करते हैं
D) सूर्य के धब्बों के अध्ययन करते के लिए करते हैं
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न्यूटन के गति के तृतीय नियम में कार्य – बल प्रतिकारी बल -
1) भिन्न पिंडों पर कार्यरत होते हैं
2) एक ही पिंड पर कार्यरत होते हैं
3) सदैव बराबर नहीं होते हैं
4) सदैव बराबर होते हैं
नीचे दिए गए संकेतों से सहीं उत्तर चुनिए -
A) 1 और 3
B) 1 और 4
C) 2 और 4
D) 2 और 3
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यूरेनियम- 235 नाभिक (न्यूक्लियस) में -
A) प्रोट्रॉन होते है
B) न्यूट्रॉन होते है
C) इलेक्ट्रॉन होते है
D) प्रोट्रॉनों व न्यूट्रॉनों के बल संख्या 235 होती है
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मानव नेत्र का वह भाग जो फोटाग्राफी कैमरा के द्वारक के समान कार्य करता है -
A) परितारिका (iris) कहलाता है
B) लेंस कहलाता है
C) तारा (पुतली) कहलाता है
D) रोमाभ पेशियां (ciliary muscles)कहलाता है
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एक भारी नाभिक (न्यूक्लियम) के तात्क्षणिक विघटन की परिघटना -
A) विघटनाभिका (radioactivity) कहलाती है
B) नाभिक विखंडन कहलाती है
C) नाभिक संलयन कहलाती है
D) अंतः स्कोट (implosion) कहलाती है