जैन साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में इनका प्रमुख स्थान है?
जैन धर्म की दो शाखाएँ हैं- दिगम्बर और श्वेताम्बर। पुष्पदन्त प्रसिद्ध जैन साहित्यकार थे, जिनका समय दसवीं सदी को माना जाता है। पुष्पदन्त ने चार प्रसिद्ध ग्रन्थों की रचना की, जिनमें-
(1) तिसट्ठि महापुरिस गुणालंकार,
(2) ठाय कुमार चरिउ
(3) जसहर चरिउ
(4) कोश ग्रन्थ
इत्यादि हैं।
संबंधित प्रश्न (Related)
निम्न में से कौन-सा स्थान सीसवाल संस्कृति से सम्बन्धित नहीं है?
‘हरियाणा कैसरी’ के संचालक थे।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
(i) नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना वर्ष 1955 में हिसार में की गई।
(ii) सेण्ट्रल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन बफैलोज की स्थापना वर्ष 1975 में करनाल में की गई।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
करनाल के तरावड़ी में कौन-सा मेला लगता है?
1607 ई. में फरीदाबाद नगर की स्थापना किसके द्वारा की गई थी?