Question :

हरियाणा से प्राप्त कुषाणकालीन मूर्तियों का मुख्य केन्द्र हैः


A) रोहतक
B) भिवानी
C) सिरसा
D) हिसार

Answer : A

Description :


कुषाण राजवंश प्राचीन भारत के राजवंशों में से एक था। इनका शासन काल 30 ई. से लगभग 225 ई. तक रहा। कनिष्क इस वंश का प्रमुख सम्राट था। यह अपने विजय, धार्मिक प्रवृत्ति, साहित्य तथा कला प्रेमी होने के कारण इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। कुषाणों की राजधनियाँ विभिन्न कालों में भिन्न-भिन्न रही हैं। कभी बाग्राम, तो कभी पेशावर, कभी तक्षशिला तो कभी मथुरा। हरियाणा से प्राप्त होने वाली कुषाणकालीन मूर्तियों का प्रमुख केन्द्र रोहतक है।


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हरियाणा के मैदानी भाग में अधिकांशतः किस प्रकार की मिट्टी पायी जाती है?


A) पीले भूरे रंग की उपजाऊ मिट्टी
B) पथरीली मिट्टी
C) रेतीली मिट्टी
D) बलुई दोमट मिट्टी

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सतनामी सम्प्रदाय के प्रवर्तक कौन थे?


A) संत वीरभान
B) संत गरीबदास
C) संत दादू दयाल
D) संत नेमीचन्द

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1857 ई. की क्रान्ति के समय किस रियासत के राजा ने अंग्रेजों की मदद की?


A) भिवानी
B) रेवाड़ी
C) जींद
D) सोनीपत

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किस जिले के जाटों पर आर्य समाज का प्रभाव अधिक था?


A) करनाल
B) रोहतक
C) भिवानी
D) झज्जर

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कृषि यंत्रों का निर्माण मुख्य रुप से किस जिले में होता है?


A) फरीदबाद
B) गुड़गाँव
C) पलवल
D) जींद

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