हरियाणा से प्राप्त कुषाणकालीन मूर्तियों का मुख्य केन्द्र हैः
कुषाण राजवंश प्राचीन भारत के राजवंशों में से एक था। इनका शासन काल 30 ई. से लगभग 225 ई. तक रहा। कनिष्क इस वंश का प्रमुख सम्राट था। यह अपने विजय, धार्मिक प्रवृत्ति, साहित्य तथा कला प्रेमी होने के कारण इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। कुषाणों की राजधनियाँ विभिन्न कालों में भिन्न-भिन्न रही हैं। कभी बाग्राम, तो कभी पेशावर, कभी तक्षशिला तो कभी मथुरा। हरियाणा से प्राप्त होने वाली कुषाणकालीन मूर्तियों का प्रमुख केन्द्र रोहतक है।
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बीर बारा वन अभयारण्य किस जिले में है?
‘गंगा जल ठाणा’ मुहावरे का क्या अर्थ है?
निम्न को सुमेलित करें
| सूची-। (नाम) | सूची-।। (पद्धति) |
| A. लहरिया ओढ़नी | (i) बँधाई पद्धति की रंगाई से तैयार |
| B. डिमाच ओढ़नी | (ii) विवाह में चढ़ी रेशम ओढ़नी |
| C. गुमटी | (iii) सूती कपड़े पर रेशमी बूँदियों वाली कढ़ाई की ओढ़नी |
| D. छयामा | (iv) पीले पाठ का कढ़ा ओढ़ना |
कूटः A B C D
1526 ई. में हरियाणा में किस स्थान पर बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच प्रसिद्ध युद्ध हुआ था?
निम्नलिखित को सुमेलित करें
| सूची-। | सूची-।। |
| A. बुद्धो माता | (i) गुड़गाँव |
| B. गोगापीर | (ii) फरीदाबाद |
| C. मुंगीपा मेला | (iii) भिवानी |
| D. धमतान साहिब मेला | (iv) जींद |
कूटः A B C D