हरियाणा से प्राप्त कुषाणकालीन मूर्तियों का मुख्य केन्द्र हैः
कुषाण राजवंश प्राचीन भारत के राजवंशों में से एक था। इनका शासन काल 30 ई. से लगभग 225 ई. तक रहा। कनिष्क इस वंश का प्रमुख सम्राट था। यह अपने विजय, धार्मिक प्रवृत्ति, साहित्य तथा कला प्रेमी होने के कारण इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। कुषाणों की राजधनियाँ विभिन्न कालों में भिन्न-भिन्न रही हैं। कभी बाग्राम, तो कभी पेशावर, कभी तक्षशिला तो कभी मथुरा। हरियाणा से प्राप्त होने वाली कुषाणकालीन मूर्तियों का प्रमुख केन्द्र रोहतक है।
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