बोधगया के स्मारकों में कौन नहीं है?
गया नगर से लगभग 13 किमी. दक्षिण में फल्गू (निरंजन) नदी के किनारे स्थित बोधगया, बौद्ध मतावलंबियों का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ-स्थल है। महात्मा बुद्ध को यहीं महाबोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। महाबोधि वृक्ष अपने-आप में 2500 साल पुराना है और विश्व के प्राचीनतम वृक्षों में एक है। इसकी शाखा श्रीलंका के शासक तिस्स को अशोक द्वारा भेजी गयी थी आज भी वहाँ वृक्ष के रुप में सुरक्षित है. अन्य स्मारकों में वज्रासन, अनिमेषलोचन स्तूप, चक्रमण और रत्नाकर चैत्य प्रमुख हैं। नए स्मारकों में 1945 में बना चीनी मंदिर, 1938 में बना तिब्बती मंदिर, थाई मंदिर आदि हैं। हरिश्चन्द्र मंदिर बोधगया में स्थित नहीं है।
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