मुगलकालीन बिहार का गवर्नर कौन था?
A) शुज्जात खाँ
B) सइद खाँ
C) मुकर्रब खाँ
D) उपर्युक्त सभी
Answer : D
Description :
मुजफ्फरखान को 1575-77 ई. में बिहार का गवर्नर मुगलों द्वारा नियुक्त किया गया। 1577 ई. में मुजफ्फर खान को आगरा बुला लिया गया। इसके बाद शुज्जात खान को बिहार का गवर्नर बनाया गया, जो मात्र चार महीने इस पद पर रहा। 1578 से जून 1580 ई. की अवधि में संभवत: बिहार का गवर्नर कोई नहीं था। 1580 ई. में अकबर ने अपने साम्राज्य को 12 सूबों में बाँटा। उसमें बिहार भी एक था। खान-ए-आजम मिर्जा अजीज कोकलतास को इसका गवर्नर नियुक्त किया गया। 1583 ई. में खान-ए-आजम को बिहार के सूबेदार पद से हटा दिया गया एवं सईद खान को - गवर्नर बनाया गया, परन्तु शीघ्र ही उसको बंगाल जाना पड़ा एवं शाहबाज खान बिहार का गवर्नर बना। परन्तु शाहबाज खान कुछ महीनों तक ही गवर्नर के पद पर रहा और शीघ्र ही मिर्जा युसुफ 'मशहदी' को बिहार का गवर्नर बनाया गया। इस पद पर ज्यादा दिन नहीं रहा और सईद खान को बिहार की जिम्मेदारी सौंपकर (1587 ई.) वह शाही दरबार में चला गया जहां से उसे कश्मीर भेज दिया गया। बाद में सईद खान को भी बंगाल भेज दिया गया जहाँ के सूबेदार वजीर खान की मृत्यु हो गयी थी। 1587 ई. में राजा मानसिंह को बिहार का सूबेदार बनाकर भेजा गया। कुछ समय पश्चात् राजा मानसिंह को शाही दरबार में बुला लिया गया जहाँ से उन्हें पुनः बंगाल का सूबेदार बनाकर भेजा गया और सईद खान को तीसरी बार (1594 ई.) का सूबेदार बनाया गया जो 1598 ई. तक इस पद पर रहा। इसके बाद असदखान को बिहार के गवर्नर के पद से हटाकर आसफ खान को नियुक्त किया गया। जहाँगीर के शासन में आने के बाद लाल बेग या बाजबहादुर को बिहार का सूबेदार नियुक्त किया गया। इसके बाद इस्लाम खान बिहार का गवर्नर बना जो पुनः 1608 ई. में बंगाल भेज दिया गया। इस्लाम खान के बाद अबुल फजल का पुत्र अब्दुर्रहमान या अफजल खान बिहार की सूबेदार बना। 1613 ई. में अफजल खान की मृत्यु के बाद जफर खान बिहार का सूबेदार बना। 1619 ई. में नूरजहाँ का भाई इब्राहिम खान बिहार का सूबेदार बना। 1618 ई. में मुर्करब खान तथा 1621 ई. में शहजादा परवेज तथा 1624 ई. में खानेदुर्रान (बैरम बेग) को बिहार का सूबेदार बनाया गया। 1627 ई. में मिर्जा रुस्तम सफाबी, 1632 ई. में अब्दुल्ला खान बहादुर फिरोज जंग, 1639 ई. में शाइस्ता खाँ, 1643 ई. में मिर्जापुर (इतिकाटे खाँ) 1646 ई. में आजम खान, 1656 में जफर खाँ जुल्फिकार खाँ, 1657 ई. में अल्लाहवर्दी, 1659 ई. में दाउद खाँ कुरैशी', 1677 ई. में शाहजादा आजम, 1695 में फिदा खाँ, 1702 में शमशेर खाँ तथा उसके बाद शाहजादा अजीम को बिहार का सूबेदार बनाया गया।
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बिहार राज्य सरकार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत बिहार में नगर परिषदों की संख्या 43 है तथा 84 नगर पंचायत और 2963 वॉर्ड है। नगर निगम शहरी स्थानीय शासन की सर्वाच्च संसद है। महापौर (मेयर) नगर निगम का राजनैतिक प्रशासन होता है। महापौर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करता है इस निगम के प्रशासन की देख-रेख करने के लिए एक अधिकारी होता है, जिसे कमिश्नर पुकारा जाता है इसकी नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है। नगर पालिका नगरों में स्थानीय स्वशासन की संस्था है और इसे स्थापित करने के लिए 20,000 की जनसंख्या होनी चाहिए।
A) महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल)
B) महान्यायवादी
C) राज्यपाल
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A) बिम्बिसार - हर्यक वंश
B) महापद्मनन्द - मौर्यवंश
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