निम्नलिखित में से कौन प्रबंधन प्रक्रिया का एक तत्व नहीं है?
प्रबन्ध का आशय एक ऐसी प्रक्रिया से है जिसमें काम को कुशल एवं प्रभावी ढंग से करने के लिए कार्यों के एक समूह के नियोजन, संगठन, नियुक्तिकरण, निर्देशन, एवं नियंत्रण कार्य को सम्पन्न किया जाता है। दूसरे शब्दों में, वर्तमान समय में प्रबन्ध प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रबन्धक अन्य व्यक्तियों के साथ कार्य को सम्पन्न करवाते हुए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत नियोजन, आयोजन, स्टाफिंग, नेतृत्व और नियंत्रण आदि आते हैं।
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श्रम नियोजन कार्य के अन्तर्गत-
‘स्किल्स ऑफ एन एफेक्टिव एडमिनिस्ट्रेटर’ नामक पुस्तक के लेखक हैं-
कार्यस्थल एवं सामाजिक अन्योन्यक्रिया में लोगों के व्यवहार, जरुरत एवं अभिवृत्ति को समझने के महत्व पर बल देता है, निम्न कहलाता हैः
एक प्रबंधक, सहयोगात्मक, प्रक्रिया के माध्यम से लक्ष्यों को निर्धारित करता है। अधीनस्थ कर्मचारी का निष्पादन किस हद तक लक्ष्यों को पूरा कर रहा है, ये मूल्यांकन और निष्पादन को प्रस्कृत करने में एक महत्वपूर्व पैरामटीर है। निम्नलिखित में से किस नियम से ये बात स्पष्ट होती है।
संस्था की पूँजी संरचना को प्रभावित करने वाला आन्तरिक तत्व है-