प्रबंधकों की तीन पारस्परिक भूमिकाएँ क्या होती है?
प्रबंधक की पारस्परिक भूमिकाएँ संचार, संबंधों और नेतृत्व पर केंद्रित है। ये तीन उपश्रेणियों में विभाजित हैः-
(1) फिगरहेड (Figurehead)- फिगरहेड की भूमिका मुख्य रुप से औपचारिक और प्रतीकात्मक है। इस भूमिका को निभाने वाले प्रबंधक को अक्सर संगठन के प्रवक्ता या राजदूत के रुप में देखा जाता है। आमतौर पर कई कार्यों को करने के लिए एक फिगरहेड की आवश्यकता होती है, जैसे वीआईपी का अभिवादन करना, विशेष आयोजनों में भाग लेना और भाषण देना।
(2) नेता (Leader)- नेता की भूमिका किसी संगठन के सदस्यों को मार्गदर्शन और दिशा प्रदान करने के साथ-साथ उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करना है। लीडर आमतौर पर अपनी टीम के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं तथा उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक योजना बनाते हैं और टीम के सदस्यों को प्रतिक्रिया (Feedback) प्रदान करते हैं।
(3) संपर्क (Liaison)- संपर्क की भूमिका लोगों को जोड़ने के बारे में है. इसमें विभिन्न विभागों के बीच और एक संगठन के भीतर व्यक्तियों के बीच संचार और संबंध बनाए रकना शामिल है। वे ग्राहकों और आपूर्तिकर्ताओं जैसे बाहरी पक्षों को संगठन से जोड़ने का काम भी करते हैं।
संबंधित प्रश्न (Related)
महाप्रबंधक की बैठक (मीटिंग) निम्नलिखित प्रबंधन प्रकार्य का सर्वाधिक संभव परिणाम था-
“एक कर्मचारी का केवल एक ही मालिक होना चाहिए” इस सिद्धान्त को कहा जाता है-
फर्स्ट-लाइन (प्रथम पंक्ति) प्रबंधक कौन है?
नीचे दिए गए व्यक्तित्व को कार्य के प्रकार के साथ मिलाएं।
| व्यावसायिक प्ररुपविज्ञान | व्यक्तित्व |
| 1. यथार्थवादी | A. कल्पनाशील, आदर्शवादी, भावनात्मक |
| 2. कलात्मक | B. विश्लेषणात्मक, जिज्ञासु, स्वतंत्र |
| 3. अन्वेषी | C. अनुरुप, कुशल, अनम्य |
| 4. पारम्परिक | D. शर्मीला, व्यवहारिक, स्थिर |
कूट : 1, 2, 3, 4
कार्यस्थल एवं सामाजिक अन्योन्यक्रिया में लोगों के व्यवहार, जरुरत एवं अभिवृत्ति को समझने के महत्व पर बल देता है, निम्न कहलाता हैः