‘जहाँ आत्मीयता हो, वहाँ विचार-विनिमय में उपचारिकता नहीं होती।’ इस वाक्य में उपचारिकता का शुद्ध रुप है-
उपर्युक्त वाक्य में ‘उपचारिकता’ का शुद्ध रुप औपचारिकता होगा। इस प्रकार शुद्ध वाक्य - . ‘जहाँ आत्मीयता हो, वहाँ विचार-विनिमय में औपचारिकता नहीं होती।’
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निर्देश (354-360): निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न में तीन गद्यांश दिये गये हैं। त्रुटि वाले वाक्यांश को चुनें और उसके अनुरुप (A), (B), (C) पर चिन्ह लगाएँ। यदि वाक्य त्रुटिहीन हो, तो (D) पर चिन्ह लगाएँ।
निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो शुद्ध वाक्य का सबसे अच्छा विकल्प है।
निर्देश (प्रश्न सं. 150 से 152 तक) : दिये गये वाक्यों में से कुछ में त्रुटियाँ है और कुछ ठीक हैं। वाक्य के जिस भाग में त्रुटियाँ हों, उसके अनुरुप अक्षर (A), (B), (C) वाले अण्डाकार खाने को काला करें। यदि वाक्य में कोई त्रुटि न हों, तो (D) वाले अंण्डाकार खाने को पूरी तरह काला करें।
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त अनावश्यक अथवा अनुपयुक्त शब्द वाला वाक्य छांटिए।
निर्देश (354-360): निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न में तीन गद्यांश दिये गये हैं। त्रुटि वाले वाक्यांश को चुनें और उसके अनुरुप (A), (B), (C) पर चिन्ह लगाएँ। यदि वाक्य त्रुटिहीन हो, तो (D) पर चिन्ह लगाएँ।