‘जहाँ आत्मीयता हो, वहाँ विचार-विनिमय में उपचारिकता नहीं होती।’ इस वाक्य में उपचारिकता का शुद्ध रुप है-
उपर्युक्त वाक्य में ‘उपचारिकता’ का शुद्ध रुप औपचारिकता होगा। इस प्रकार शुद्ध वाक्य - . ‘जहाँ आत्मीयता हो, वहाँ विचार-विनिमय में औपचारिकता नहीं होती।’
संबंधित प्रश्न (Related)
दिए गए विकल्पों में से शुद्ध वाक्य पहचानिए।
निम्न वाक्य के किस भाग में त्रुटि है?
हम कब तक सहते रहेंगे और अप्मान का घुट पीते रहेंगे।
निर्देश (प्रश्न सं. 141 से 143 तक) : दिए गए वाक्यों में से कुछ में त्रुटियाँ है और कुछ ठीक हैं। वाक्य के जिस भाग में त्रुटियाँ हों, उसके अनुरुप अक्षर (A), (B), (C) वाले अण्डाकार खाने को काला करें। यदि वाक्य में कोई त्रुटि न हों, तो (D) वाले अंण्डाकार खाने को पूरी तरह काला करें।
निर्देश (प्रश्न सं. 138 से 140 तक) : दिए गए चार वाक्यों में एक वाक्यों में एक वाक्य शुद्ध है और तीन अशुद्ध हैं। शुद्ध वाक्य को चुनिए तथा उत्तर-पुस्तिका में तद्नुसार काला कीजिए।
निम्नलिखित में से सही वाक्य की पहचान कीजिए-