“राजा ने चोर को मृत्यु दंड की सजा दी।” वाक्य में क्या त्रुटि है?
“राजा ने चोर को मृत्यु दंड की सजा दी।” इस वाक्य में ‘सजा दी’ शब्द की द्विरुक्ति के कारण ‘कथितपदत्व’ दोष का प्रयोग हुआ है। इसका शुद्ध वाक्य – राजा ने चोर को मृत्युदंड दिया।
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नीचे दिये गये वाक्य के त्रुटिपूर्ण खण्ड को चिह्रित कीजिए। यदि त्रुटि न हो, तो (D) भाग को चिहित कीजिए।
पुलिस द्वारा चोरी का माल बरामद हो गया है।
निर्देश (प्रश्न सं. 141 से 143 तक) : दिए गए वाक्यों में से कुछ में त्रुटियाँ है और कुछ ठीक हैं। वाक्य के जिस भाग में त्रुटियाँ हों, उसके अनुरुप अक्षर (A), (B), (C) वाले अण्डाकार खाने को काला करें। यदि वाक्य में कोई त्रुटि न हों, तो (D) वाले अंण्डाकार खाने को पूरी तरह काला करें।
‘मुझे बहुत आनन्द आती है।’ वाक्य का शुद्ध रुप क्या होगा?
निम्नलिखित में से सही वाक्य की पहचान कीजिए-
‘मैं आदर सहित नमस्कार करता हूँ।’ वाक्य का शुद्ध रुप क्या होगा?