“घर पर सब कुशल पूर्वक है।” वाक्य में किस प्रकार की अशुद्धि है?
A) लिंग
B) कारक
C) सर्वनाम
D) संज्ञा
Answer : B
Description :
“घर पर सब कुशल पूर्वक है।” इस वाक्य में कारक सम्बंधी अशुद्धि है, क्योंकि ‘पर’ के स्थान पर में का प्रयोग उचित होगा। इस प्रकार शुद्ध वाक्य – घर में सब कुशल पूर्वक हैं।
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निर्देश (प्रश्न सं. 150 से 152 तक) : दिये गये वाक्यों में से कुछ में त्रुटियाँ है और कुछ ठीक हैं। वाक्य के जिस भाग में त्रुटियाँ हों, उसके अनुरुप अक्षर (A), (B), (C) वाले अण्डाकार खाने को काला करें। यदि वाक्य में कोई त्रुटि न हों, तो (D) वाले अंण्डाकार खाने को पूरी तरह काला करें।
A) राधा और श्याम सहेली हैं
B) वे परस्पर एक – दूसरे से स्नेह करते हैं
C) और साथ-साथ विद्यालय जाती हैं.
D) कोई त्रुटि नहीं।
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निम्न में से शुद्ध वाक्य पहचानिए।
A) वाह! कितना घृणित दृश्य है
B) ओह! कितना घृणित दृश्य है।
C) छि! कितना घृणित दृश्य है।
D) आह! कितना घृणित दृश्य है।
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सही विकल्प का चयन करें जो शुद्ध वाक्य है।
A) मैंने गुरुजी का दर्शन किया।
B) मैंने गुरुजी को दर्शन किया।
C) मैने गुरुजी को दर्शन किए।
D) मैंने गुरुजी के दर्शन किए।
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सुसंगत शब्द प्रयोग में कौन-सा वाक्य सर्वाधिक उपयुक्त है?
A) दुष्ट को सजा मिलनी चाहिए।
B) अपराधी को सजा मिलनी चाहिए।
C) अशिष्ट को सजा मिलनी चाहिए।
D) शत्रु को सजा मिलनी चाहिए।
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निर्देश (प्रश्न 277 -280) : इन प्रश्नों में एक वाक्य दिया है जिसमें त्रुटि है। इसके नीचे चार विकल्प दिये गये हैं, जिसमें एक सही है सही विकल्प चुनिये।
जो मिठाइयाँ पसन्द हों आप खा लो।
A) जो मिठाई पसन्द हों आप खा लो।
B) जो मिठाई पसन्द हों तुम खा लो।
C) जो मिठाइयाँ पसन्द हों तुम खा लो।
D) जो मिठाइयाँ पसन्द हों, उन्हें आप खाइये।