Question :
A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं
Answer : D
सूर्यास्त के पूर्व सूर्य गहरा नारंगी-लाल-आभायुक्त प्रतीत होता है क्योकिं -
A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं
Answer : D
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‘क्रांति वृत्त’ (Ecliptic) शब्द का प्रयोग -
A) सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के पथ के लिए करते हैं
B) ग्रस्त सूर्य के लिय करते हैं
C) ग्रस्त चन्द्रमा के लिए करते हैं
D) वर्ष भर के दौरान आकाश में सूर्य के पथ के लिए करते हैं
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वायुमंडल द्रवारा ग्रहण जल वाष्प की मात्रा वायु के ताप -
A) पर निर्भर नहीं होती
B) में वृद्धि के साथ बढ़ सकती है
C) में वृद्धि के साथ कम हो जाती है
D) में वृद्धि के साथ घटती-बढ़ती रहती है
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एक भारी नाभिक (न्यूक्लियम) के तात्क्षणिक विघटन की परिघटना -
A) विघटनाभिका (radioactivity) कहलाती है
B) नाभिक विखंडन कहलाती है
C) नाभिक संलयन कहलाती है
D) अंतः स्कोट (implosion) कहलाती है
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किसी पिंड का भार -
A) पृथ्वी पर सभी स्थानों पर एक समान होता है
B) ध्रुवों पर अधिकतम होता है
C) विषुवत रेखा पर अधिकतम होता है
D) मैदानों की अपेक्षा पहाड़ो पर अधिक होता है।