Question :
A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं
Answer : D
सूर्यास्त के पूर्व सूर्य गहरा नारंगी-लाल-आभायुक्त प्रतीत होता है क्योकिं -
A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं
Answer : D
Description :
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डी◦ सी◦ की आपेक्षा ए◦ सी◦ के लाभ यह है कि -
A) इसमें अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा होती है
B) इसमें वोल्टता के उतार-चढ़ाव नहीं होते
C) इसकी जनन (उत्पादन) लागत कम आती है
D) यह कम ऊर्जा हानि के साथ लम्बी दूरी तक (संचरित) की जा सकती है
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यूरेनियम-235 में विखंडन तब होता है जब यह -
A) तेज गतिक प्रोट्रॉन का परिग्रहण (capture) करता है
B) तेज गतिक न्यूट्रॉन का परिग्रहण करता है
C) मंद गतिक न्यूट्रॉन का परिग्रहण करता है
D) फोट्रॉन का परिग्रहण करता है
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नदी में तैरता जलयान जब समुद्र में जाता है तो यह -
A) थोड़ा सा ऊपर उठ जाता है
B) थोड़ा सा नीचे डूब जाता है
C) एक ही स्तर पर रहता है
D) जलयान के निर्मत पदार्थ के अनुसार थोड़ा और डूब या उठ जाता है
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किसी पिंड का वेग दुगुना हो जाये तो -
A) उसका त्वरण दुगुना होगा
B) उसका संवेग दुगुना होगा
C) उसकी गतिज ऊर्जा दुगुनी होगी
D) उसकी स्थितिज ऊर्जा दुगुनी होगी
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किसी पिंड को पृथ्वी से चन्द्रमा पर ले जाने पर -
A) उसका द्रव्यमान भिन्न होगा किन्तु भार वही रहेगा।
B) उसका द्रव्यमान व भार दोनों भिन्न हो जाएंगे।
C) उसका द्रव्यमान वही रहेगा किन्तु भार भिन्न हो जाएगा।
D) उसका द्रव्यमान व भार दोनों पूर्ववत् रहेंगे।