Question :
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
जब कोई व्यक्ति बाहर तेज प्रकाश से एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है तो कुछ देर तक वह स्पष्ट देख पाने में समर्थ नहीं होता। इसका कारण है -
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
Description :
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रेडियो-कार्बन काल-निर्धारण तकनीक का प्रयोग -
A) चट्टानों की आयु-निर्धारण हेतु किया जाता है
B) मिट्टी की आयु-निर्धारण हेतु किया जाता है
C) जीवाश्मों की आयु-निर्धारण हेतु किया जाता है
D) भवनों की आयु-निर्धारण हेतु किया जाता है
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मोटर वाहनों में पीछे का दृष्य देखने हेतु -
A) समतल दर्पण लगा होता है
B) उत्तल दर्पण लगा होता है
C) अवतल दर्पण लगा होता है
D) बेलनाकार (cylindrical) दर्पण लगा होता है
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क्या होता है जब जल को 8˚C से 0˚C तक किया जाए ?
A) जल का आयतन समान रुप से कम होकर , 0˚C तक ठंडा हो जाता है
B) जल का घनत्व समान रुप से बढ़कर 0˚C पर अधिकतम हो जाता है
C) जल का आयतन 4˚C तक कम होता है और तब बढ़ता है
D) जल का घनत्व 4˚C तक कम होता है और तब बढ़ता है
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इन्द्रधनुष का बनना वायुमंडल में वर्तमान जल की बूंदों द्वारा प्रकाश का -
A) परिक्षेपण है
B) प्रकीर्णन है
C) पूर्ण आन्तरिक परावर्तन है
D) परिक्षेपण व पूर्ण आन्तरिक परावर्तन दोनों ही हैं
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बदं कमरे की खिड़की में एक छोटा छिद्र कमरे से बाहर की वस्तुओं का कमरे की सामने की दीवार पर उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है, इसका कारण-
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना