Question :
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
जब कोई व्यक्ति बाहर तेज प्रकाश से एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है तो कुछ देर तक वह स्पष्ट देख पाने में समर्थ नहीं होता। इसका कारण है -
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
Description :
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सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम का प्रस्तुतकर्त्ता -
A) कैप्लर
B) गैलीलियो
C) न्यूटन
D) कॉपरनिक्स
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मानव नेत्र का वह भाग जो फोटाग्राफी कैमरा के द्वारक के समान कार्य करता है -
A) परितारिका (iris) कहलाता है
B) लेंस कहलाता है
C) तारा (पुतली) कहलाता है
D) रोमाभ पेशियां (ciliary muscles)कहलाता है
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सूर्यास्त के पूर्व सूर्य गहरा नारंगी-लाल-आभायुक्त प्रतीत होता है क्योकिं -
A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं
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एक पावर सॉकेट पर कई विदुयुत उपकरणों को नहीं लगाना चाहिए क्योंकि -
A) उपकरण खराब हो सकते हैं
B) अतितापन के कारण बिजली की वायरिंग खराब हो सकती है
C) उपकरणों को उनकी अंकित या आपूर्तित वोल्टता पूरी नहीं मिल पाएगी
D) उपकरणों को उपयुक्त विद्युत धाराएं नहीं मिल पाएगी।
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स्थिर आलम्ब से लटके एक लम्बे धागे से बंधा एक छोटा पदार्थ इधर-उधर (दोलन) रहा हो, तो पदार्थ को -
A) स्थितिज ऊर्जा दोलन के मध्य में अधिकतम होगी
B) गतिज ऊर्जा दोलन के बीच अधिकतम होगी।
C) स्थितिज ऊर्जा हमेशा गतिज ऊर्जा के बराबर होगी
D) स्थितिज व गतिज ऊर्जा का कुल योग दोलन के मध्य में अधिकतम होगा।