Question :
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
जब कोई व्यक्ति बाहर तेज प्रकाश से एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है तो कुछ देर तक वह स्पष्ट देख पाने में समर्थ नहीं होता। इसका कारण है -
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
Description :
Related Questions - 1
नेत्र का समायोजन -
A) नेत्र की पुतली के माप में परिवर्तन से होता है
B) परितारिका के संकुचन से होता है
C) रोमाक पेशियों (ciliary muscle) के द्वारा होता है
D) दृष्टि-पटल की अग्रगामी गति से होता है
Related Questions - 2
Related Questions - 3
निम्नलिखित वर्ण-अनुक्रम में कौन-सा क्रम उचित रुप में हैं ?
A) बैगनी, नीला, लाल
B) हरा, नारंगी, लाल
C) लाल, हरा, जामुनी (indigo)
D) नीला, हरा, पीला
Related Questions - 4
जल से भरे गिलास के नीचे दबे कागज को शीघ्रता से गिलास के नीचे से जल को छिड़काए बिना ही खींचा जा सकता है। ये परिघटना-
A) कागज व गिलास के मध्य घर्षण की कमी दर्शाती है।
B) न्यूटन के तृतीय नियम को दर्शाती है।
C) जड़त्व के गुण को दर्शाती है।
D) त्वरण को दर्शाती है।
Related Questions - 5
किसी पिंड को पृथ्वी से चन्द्रमा पर ले जाने पर -
A) उसका द्रव्यमान भिन्न होगा किन्तु भार वही रहेगा।
B) उसका द्रव्यमान व भार दोनों भिन्न हो जाएंगे।
C) उसका द्रव्यमान वही रहेगा किन्तु भार भिन्न हो जाएगा।
D) उसका द्रव्यमान व भार दोनों पूर्ववत् रहेंगे।