Question :
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
जब कोई व्यक्ति बाहर तेज प्रकाश से एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है तो कुछ देर तक वह स्पष्ट देख पाने में समर्थ नहीं होता। इसका कारण है -
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
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पृथ्वी की आयु का आकलन -
A) यूरेनियम काल-निर्धारण हेतु किया जाता है
B) कार्बन-काल निर्धारण से किया जा सकता है
C) परमाणु-घड़ी की सहायता से किया जा सकता है
D) जैव-घड़ी की सहायता से किया जा सकता है
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विद्युत् बल्ब का तन्तु तप्त होकर श्वेत हो जाता है जबकि प्रवेशी संयोजी तार केवल हल्का-सा ही गर्म हो पाता है क्योंकि संयोजी तार-
A) में अपेक्षाकृत कम धारा प्रवाहित हो पाती है
B) का प्रतिरोध बहुत कम होता है
C) का गलनांक अपेक्षाकृत अधिक होता है
D) श्याम लौह का बना होता है
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परमाणु-विस्फोट में अत्यधिक ऊर्जा निकलने का कारण -
A) द्रव्यमान का ऊर्जा में परिवर्तन है
B) रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मा-ऊर्जा में परिवर्तन है
C) यांत्रिक ऊर्जा का नाभिकीय ऊर्जा में परिवर्तन है
D) न्यूट्रॉनों का प्रोट्रॉनों में परिवर्तन है
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यूरेनियम-235 में विखंडन तब होता है जब यह -
A) तेज गतिक प्रोट्रॉन का परिग्रहण (capture) करता है
B) तेज गतिक न्यूट्रॉन का परिग्रहण करता है
C) मंद गतिक न्यूट्रॉन का परिग्रहण करता है
D) फोट्रॉन का परिग्रहण करता है