Question :

जब कोई व्यक्ति बाहर तेज प्रकाश से एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है तो कुछ देर तक वह स्पष्ट देख पाने में समर्थ नहीं होता। इसका कारण है -


A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी

Answer : C

Description :



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एक भारी एवं एक हल्के पिंड पर एक समान बल एक ही अवधि के लिए लगे हों, तो ये पिंड -


A) एक समान वेग से गतिमान होंगे
B) एक समान संवेग से गतिमान होंगे
C) एक समान त्वरण से गतिमान होंगे
D) उपरोक्त जैसा कुछ भी नहीं होगा ।

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एक पुलिस की गाड़ी सायरन बजाती हुई किसी प्रेक्षक से दूर जा रही है तो सायरन के सामान्य तरत्व (तीक्ष्णता) के सापेक्ष उसकी ध्वनि का तारत्व -


A) कम होगा
B) एक समान होगा
C) अधिक होगा
D) गाड़ी की गतिअनुसार कम या अधिक होगा

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बदं कमरे की खिड़की में एक छोटा छिद्र कमरे से बाहर की वस्तुओं का कमरे की सामने की दीवार पर उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है, इसका कारण-


A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना

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किसी वस्तु का वास्तविक प्रतिबिम्ब प्राप्त करने हेतु आवश्यक दर्पण कौन-सा होगा ?


A) समतल दर्पण
B) अवतल दर्पण
C) उत्तल दर्पण
D) कोई भी दर्पण वास्तिविक प्रतिबिम्ब नहीं बना सकता

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सूर्यास्त के पूर्व सूर्य गहरा नारंगी-लाल-आभायुक्त प्रतीत होता है क्योकिं -


A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं

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