Question :
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
जब कोई व्यक्ति बाहर तेज प्रकाश से एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है तो कुछ देर तक वह स्पष्ट देख पाने में समर्थ नहीं होता। इसका कारण है -
A) नेत्र का शीघ्र ही स्थिति अनुरुप समंजित नहीं कर पाना
B) क्षण भर के लिए दृष्टि पटल का असंवेदनशील हो जाना
C) परितारिका (iris) द्वारा पुतली को तुरंत ने फैला पाना
D) लेंस व दृष्टि-पटल के अन्तराल को समंजित होने में देरी
Answer : C
Description :
Related Questions - 1
प्रकाश की तरंग, ध्वनि तरंगों से इस प्रकार भिन्न हैं कि -
A) प्रकाश की तरंगें विद्युत्-चुम्बकीय हैं किन्तु ध्वनि तरंगें नहीं
B) प्रकाश तरंगें जल में गमन कर सकती है किन्तु ध्वनि तरंगें नहीं
C) प्रकाश सभी माध्यमों में समान वेग से चलता है
D) प्रकाश तरंगों से व्यतिकरण (interference) पैदा होता है ध्वनि तरंगें से नहीं
Related Questions - 2
परमाणु-विस्फोट में अत्यधिक ऊर्जा निकलने का कारण -
A) द्रव्यमान का ऊर्जा में परिवर्तन है
B) रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मा-ऊर्जा में परिवर्तन है
C) यांत्रिक ऊर्जा का नाभिकीय ऊर्जा में परिवर्तन है
D) न्यूट्रॉनों का प्रोट्रॉनों में परिवर्तन है
Related Questions - 3
ध्वनि तरंगों की आवृत्ति का संबंध उसके -
A) आयाम से है
B) प्रबलता से है
C) तारत्व से है
D) गुणवत्ता से है
Related Questions - 4
Related Questions - 5
किसी वस्तु का वास्तविक प्रतिबिम्ब प्राप्त करने हेतु आवश्यक दर्पण कौन-सा होगा ?
A) समतल दर्पण
B) अवतल दर्पण
C) उत्तल दर्पण
D) कोई भी दर्पण वास्तिविक प्रतिबिम्ब नहीं बना सकता