Question :
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना
Answer : B
बदं कमरे की खिड़की में एक छोटा छिद्र कमरे से बाहर की वस्तुओं का कमरे की सामने की दीवार पर उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है, इसका कारण-
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना
Answer : B
Description :
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एक साधारण फ्लुओरेसेंट (प्रतिदीप्ति) टयूब में -
A) सोडियम वाष्प भरी होती है
B) निम्न दाब पर आर्गन भरी होती है
C) निम्न दाब पर पारा वाष्प भरी होती है
D) पारा-ऑक्साइड और निऑन भरा होता है
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विद्युत् परिपथ में फ्यूज का कार्य -
A) बिजली के झटके से बचाना है
B) धारा के प्रवाह को नियमित करना है
C) अतिभारण (ओवरलोडिंग) या लघुपथन की स्थिति में परिपथ को भंग करना है
D) उपरोक्त जैसा कुछ नहीं है
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एक भारी एवं एक हल्के पिंड पर एक समान बल एक ही अवधि के लिए लगे हों, तो ये पिंड -
A) एक समान वेग से गतिमान होंगे
B) एक समान संवेग से गतिमान होंगे
C) एक समान त्वरण से गतिमान होंगे
D) उपरोक्त जैसा कुछ भी नहीं होगा ।
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सूर्यास्त के पूर्व सूर्य गहरा नारंगी-लाल-आभायुक्त प्रतीत होता है क्योकिं -
A) दिन के अन्त में सूर्य अति तप्त होता है
B) संध्या में सूर्य में हीलियम की मात्रा में वृद्धि हो जाती है
C) सूर्य केवल नारंगी-लाल वर्ण का प्रकाश उत्सर्जित करता है
D) सूर्य के प्रकाश को अधिक मोटे वायुमंडल में गमन करना पड़ता है जिससे अन्य वर्ण प्रकीर्णित हो जाते हैं और पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाते हैं
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परिक्रमारत अंतरिक्ष यान (उपग्रह) से एक सेब (पिंड) बाहर छोड़ा जाय, तो यह -
A) पृथ्वी की ओर गिरेगा
B) यान के साथ ही उसी वेग से गमन करेगा
C) अधिक वेग से गमन करेगा
D) कम वेग से गमन करेगा