Question :
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना
Answer : B
बदं कमरे की खिड़की में एक छोटा छिद्र कमरे से बाहर की वस्तुओं का कमरे की सामने की दीवार पर उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है, इसका कारण-
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना
Answer : B
Description :
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विषुवत रेखा की अपेक्षा ध्रवों पर पिंड का भार अधिक होता है, क्योंकि -
A) ध्रुवों पर पृथ्वी की घूर्णन गति अधिकतम है।
B) विषुवत रेखा पर पृथ्वी की घूर्णन गति अधिकतम है ।
C) ध्रुवों पर हिम टोप के कारण आकर्षण बल अधिक होता है
D) उपरोक्त में से कोई भी पूर्ण स्पष्टीकरण नहीं है।
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पराश्रव्य तरंगों का उपयोग -
A) गहरे जल में डूबी वस्तुओं की खोज तथा उनकी गहराई ज्ञात करने हेतु किया जाता है
B) यकृत, लीवर, अग्न्याशय (pancreas) वृक्क (kidneys) ह्रदय जैसे मानव अंगों के रोगों व असमानताओं के निदान हेतु किया जाता है
C) तेल व खनिज विक्षेपों के भूमिगत चित्रांकनों हेतु किया जाता है
D) उपरोक्त सभी प्रयोजनों हेतु किया जाता है
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एक वायुयान धवन-पथ (run way) से 100 m/ s के वेग से उड़ान भरता है। यदि वायुयान अपने विश्रामस्थल से 10 m /s2 के एक समान त्वरण बढ़ता है । तो अपेक्षित वेग प्राप्त करने के लिए धावन – पथ की लम्बाई कितनी होनी चाहिए ?
A) 200 मीटर
B) 250 मीटर
C) 500 मीटर
D) 1000 मीटर
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किसी पिंड का द्रव्यमान उसके अपने भार से भिन्न होता है, क्योंकि
A) द्रव्यमान एक चर राशि है जबकि भार स्थिर राशि है।
B) भिन्न-भिन्न स्थानों पर द्रव्यमान में बहुत कम और भार में अधिक परिवर्तन होता है।
C) विषुवत रेखा से ध्रुवों पर जाने से द्रव्यमान स्थिर रहता है और भार में वृद्धि होती है।
D) पदार्थ की मात्रा का मापक द्रव्यमान है किन्तु भार एक बल है।
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विद्युत मोटर में उसके प्रारम्भन के उपरान्त मोटर की गति के सामान्य हो जाने पर इसमें प्रवाहित धारा, प्रारम्भन धारा -
A) के लगभग बराबर होती है
B) के ठीक बराबर होती है
C) से अधिक होती है
D) से कम होती है