Question :
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना
Answer : B
बदं कमरे की खिड़की में एक छोटा छिद्र कमरे से बाहर की वस्तुओं का कमरे की सामने की दीवार पर उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है, इसका कारण-
A) प्रकाश की किरण का छिद्र में प्रवेश के पश्चात् पार्श्व परिवर्तन हो जाता है
B) प्रकाश का ऋतुरेखीय संचरण (rectilinear propagation)
C) छिद्र का उत्तल लेंस (convex lens) के रुप में कार्य करना
D) छिद्र का प्रिज्म के रुप में कार्य करना
Answer : B
Description :
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भू-स्थिर या तुल्यकाली उपग्रह (geostationary satellite) के घूर्णन का आवर्त-काल -
A) 24 घंटे
B) 30 दिन
C) 365 दिन
D) निरन्तर परिवर्तनशील है
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मोटर वाहनों में पीछे का दृष्य देखने हेतु -
A) समतल दर्पण लगा होता है
B) उत्तल दर्पण लगा होता है
C) अवतल दर्पण लगा होता है
D) बेलनाकार (cylindrical) दर्पण लगा होता है
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निर्वातित (evacuated) विद्युत् बल्ब के तन्तु से कांच-आवरण तक ऊष्मा संचरण किस प्रक्रिया से होता है ?
A) चालन (conduction)
B) संवहन
C) विकिरण
D) ऊष्मा का संचरण निर्वात् के माध्यम से नहीं होता
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पायरेक्स के बने गिलास में गर्म पानी डालने पर वह नहीं चटखता है क्योंकि पायरेक्स -
A) मजबूत पदार्थ है
B) गर्म करने से अधिक प्रसारित नहीं होता
C) ऊष्मा का सुचालक है
D) बाहर से और भीतर से समान रुप से प्रसारित होता है
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एक वायुयान धवन-पथ (run way) से 100 m/ s के वेग से उड़ान भरता है। यदि वायुयान अपने विश्रामस्थल से 10 m /s2 के एक समान त्वरण बढ़ता है । तो अपेक्षित वेग प्राप्त करने के लिए धावन – पथ की लम्बाई कितनी होनी चाहिए ?
A) 200 मीटर
B) 250 मीटर
C) 500 मीटर
D) 1000 मीटर