तद्भव शब्द है -
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कबिरा सोई पीर है, जो जाने पर पीर।
जे पर पीर न जानई, सो काफिर बेपीर ।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
निम्नलिखित में कौन सा शब्द ‘निशीथ’ का पर्यायवाची नहीं हैं?
निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) मेरा विश्वास है कि
(य) जिस चीज में मनुष्य के प्यारे हाथ लगते हैं
(र) और मन की पवित्रता
(ल) उसमें उसके ह्रदय का प्रेम
(व) सूक्ष्य रुप में मिल जाती है
(6) उसमें मुर्दे को जिन्दा करने की शक्ति आ जाती है।
चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए का अर्थ है -
‘हिन्दी’ भाषा का जन्म हुआ है -