मूक होइ वाचाल पंगु चढई गिरिवर गहन।
जसु कुपा सो दयाल द्रवहु सकल कलिमल दहन।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
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‘उन्मूलन’ का विलोम है -
‘मूक’ का विलोम क्या है ?
निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) जब तक प्रेमचन्द जी
(य) मुझे मुश्किल से घण्टे-आधे घण्टे का समय मिलता
(र) मेरे घर रहे
(ल) जब मैं उनके साथ चाय पीता था
(व) अन्यथा उनका समय अन्य व्यक्ति अधिकतर
(6) उनकी अनिच्छा से अपने अधिकार में कर लेते।