Question :

निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौ मूल।

बिन निज भाषा ज्ञान के मिटे न हिए कौ शूल।।

 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?


A) सोरठा
B) दोहा
C) रोला
D) हरिगीतिका

Answer : B

Description :



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ध्वनि-मयी कर के गिरि-कंदरा,

कलित-कानन केलि-निकुंज को।

 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?


A) छेकानुप्रास
B) वृत्त्यनुप्रास
C) लाटानुप्रास
D) यमक

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निराला की कविता ’जुही की कली’ उदाहरण है -


A) वर्णिक छंद का
B) मात्रिक छंद का
C) मुक्त छंद का
D) इनमें से कोई नहीं

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‘अमर’ का विलोम शब्द है -


A) मृतक
B) मृत्यू
C) मरण
D) मर्त्य

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टूट चाप नहिं जुरै रिसाने का अर्थ है -


A) टूटा धनुष क्रोध करने से नहीं जुड़ता
B) चिन्ता छोड़ो सुख से जिओ
C) नुकसान के लिए परेशान नहीं होना चाहिए
D) नुकसान हो जाने पर क्रोध करना व्यर्थ है

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निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |

 

(1) वैसे देखा जाए तो

(य) प्रकृति स्वयं उस शक्ति का निर्माण करती है, जो

(र) नाना प्रकार के दाहक और पाचक रसों के रुप में

(ल) उदर के भीतर कोई अग्नि की ज्वाला नहीं है, किन्तु

(व) नाना भाँति के खाद्य पदार्थो अर्थात् भोज्य को

(6) पचा सकती है।


A) ल य र व
B) य र व ल
C) ल र य व
D) र य व ल

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