Question :
A) कवि के लिए कहीं भी अगम्य नहीं
B) कवि निरकुंश होता है
C) कवि कल्पनाशील होता है
D) कवि भावप्रवण होता है
Answer : A
जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि का अर्थ है -
A) कवि के लिए कहीं भी अगम्य नहीं
B) कवि निरकुंश होता है
C) कवि कल्पनाशील होता है
D) कवि भावप्रवण होता है
Answer : A
Description :
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‘ढुँढ़ाड़ी’ बोली है-
A) पश्चिमी राजस्थान की
B) पूर्वी राजस्थान की
C) दक्षिणी राजस्थान की
D) उत्तरी राजस्थान की
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निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) वैसे देखा जाए तो
(य) प्रकृति स्वयं उस शक्ति का निर्माण करती है, जो
(र) नाना प्रकार के दाहक और पाचक रसों के रुप में
(ल) उदर के भीतर कोई अग्नि की ज्वाला नहीं है, किन्तु
(व) नाना भाँति के खाद्य पदार्थो अर्थात् भोज्य को
(6) पचा सकती है।
A) ल य र व
B) य र व ल
C) ल र य व
D) र य व ल
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खिलाड़ी, गमनीय शब्द में कौन-सा प्रत्यय प्रयुक्त है ?
A) आड़ी, ईय
B) ता, तर
C) वत, हर
D) ईला, नी
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दिए गए शब्द-युग्म के सही अर्थ-भेद का चयन कीजिए
अपर-अपार
A) विस्तृत-संकुचित
B) दूसरा-असीम
C) ऊँचा-अथाह
D) छोटा-हिस्सा