जल की अस्थायी कठोरता का क्या कारण है?
जल की अस्थायी कठोरता कैल्सियम बाइकार्बोनेट के कारण होता है। CaHCO3 के अलावे MgHCO3 (मैग्नेशियम बाइकार्बोनेट) के कारण भी जल की अस्थायी कठोरता होता है। जल को उबालकर एवं जल में चूना जल मिलाकर अस्थायी कठोरता दूर की जाती है।
स्थायी कठोरता – जल में कैल्शियम या मैग्नेशियम के क्लोराइड या सल्फेट (MgCI2 . CaCI2 . MgSO4 . CaSO4) के कारण स्थायी कठोरता होती है इसे आसवन विधि द्वारा (Distillation Method) द्वारा दूर किया जाता है।
सोडियम कार्बोनेट अस्थायी एवं स्थायी कठोरता (Na2CO3) दोनों को दूर करता है।
जल का शुद्धिकरण परमैग्नेट (KMnO4) क्लोरीन (CI) या फिटकरी द्वारा किया जाता है।
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जंग लगे हुए लोहे का वजन बिना जंग लगे हुए लोहे से क्या होता है ?
साम्य अभिक्रिया ‘A + B = AB + ऊष्मा’ (एक बन्द पात्र) में अग्रवर्ती अभिक्रिया दर को निम्नलिखित द्वारा बढ़ाया जा सकता है-
I. AB की सांद्रता को बढ़ाकर
II. A की सांद्रता को बढ़ाकर
III. उत्पाद AB को हटाकर
रासायनिक रुप में शुष्क हिम (dry ice) है।
तापमान और दाब की समान स्थितियों के अन्तर्गत सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की समान संख्या रहती है। यह नियम कहा जाता है-
जिस बिंदु पर किसी पदार्थ की ठोस, तरल तथा गैसीय रुपों का सह-अस्तित्व होता है उसे कहते हैं-