सूर्य से ऊर्जा उत्सर्जित होती है-
नाभिकीय संलयन से सूर्य से ऊर्जा उत्सर्जित होती है।
जब दो हल्के नाभिक आपस में जुड़कर एक भारी नाभिक बनाता है तो इस अभिक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है जो नाभिकीय संलयन कहलाता है।
सूर्य में हाइड्रोजन के नाभिक आपस में जुड़कर हीलियम के नाभिक में पारिर्वतित होते हैं तथा बड़े पैमाने पर ऊर्जा मुक्त होती है।
बड़े नाभिक टूटकर जब दो हल्के नाभिक में परिर्वतित होते हैं, जिसके फलस्वरुप बड़े पैमाने पर ऊर्जा मुक्त होती है ऐसी क्रिया को नाभिकीय विखण्डन कहते है। नाभिकीय विखण्डन की क्रिया मंद गति वाले न्यूट्रॉन से करायी जाती है।
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