Question :
A) आटोगेमी (स्वयुग्मन)
B) एलोगेमी
C) जेनोगेमी (परनिषेचन)
D) सजातपुष्पी परागण
Answer : A
जब किसी पुष्प का पराग उसी पौधे के परागण प्रकार के वर्तिकाग्र (स्टिग्मा) में अन्तरित कर दिया जाता है, तो उसे कहा जाता है-
A) आटोगेमी (स्वयुग्मन)
B) एलोगेमी
C) जेनोगेमी (परनिषेचन)
D) सजातपुष्पी परागण
Answer : A
Description :
जब किसी पुष्प का परागकण उसी पौधे के वतिकाग्र (Stigma) में अन्तरित कर दिया जाता है तब उसे आटोगेमी (स्वयुग्मन) कहा जाता है।
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क्रॉप-रोटेशन (Crop-rotation) से लाभ है -
A) भिन्न-भिन्न प्रकार की फसल प्राप्ति
B) प्रोटीन के गुणों में बढ़ोत्तरी
C) भूमि में उर्वरकता (Fertility) में बढ़ोत्तरी
D) खनिज के गुणों में बढ़ोत्तरी
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निम्नलिखित की कोशिका, सूक्ष्मतम जीवित कोशिका है-
A) बैक्टीरियम
B) ब्रेड मोल्ड
C) माइकोप्लाज्मा
D) वायरस
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नारियल में खाने योग्य भाग होता है -
A) भ्रूणपोष (Endosperm)
B) मध्य फलभित्ति
C) अन्तः फलभित्ति
D) बाह्रा फलभित्ति
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निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित है ?
A) AIDS वायरस - ssRNA
B) रियोवायरस - ssRNA
C) पोलियोवायरस - dsRNA
D) चिकेन पॉक्स वायरस - ssDNA
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हाइड्रा है -
A) मृतजीवी (Saprophytic)
B) शाकभक्षी (Herbivorous)
C) कीटभक्षी (Insectivorous)
D) माँसभक्षी (Carnivorous)